रांची, 22 अगस्त 2025 – झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा विधायक चंपाई सोरेन आज सुबह नगड़ी (कांके, रांची) पहुंचे, जहां उन्होंने किसानों के साथ मिलकर हल लेकर खेत की ओर कूच किया। यह आंदोलन राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी RIMS-2 परियोजना के खिलाफ हो रहा है।
चंपाई सोरेन ने कहा कि वे अस्पताल बनाने का विरोध नहीं कर रहे, बल्कि उपजाऊ आदिवासी कृषि भूमि पर परियोजना थोपने का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने किसानों के साथ खड़े होकर साफ कहा —
“हमारी जमीन ही हमारी जीवन रेखा है। इसे बचाने के लिए हल भी चलाएंगे और जरूरत पड़ी तो बड़ा आंदोलन भी करेंगे।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि 24 अगस्त को किसान संगठनों के साथ बड़े पैमाने पर “हल जोतो, रोपा रोपो” आंदोलन होगा। आज का उनका कदम उसी ऐतिहासिक आंदोलन की शुरुआत माना जा रहा है।
पृष्ठभूमि
राज्य सरकार नगड़ी में RIMS-2 सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनाने के लिए लगभग 300 एकड़ भूमि चिन्हित कर चुकी है।
किसान संगठनों का आरोप है कि यह जमीन उपजाऊ है और सीएनटी एक्ट व ग्राम सभा की अनुमति के बिना इसका अधिग्रहण नहीं हो सकता।
चंपाई सोरेन का कहना है कि सरकार चाहे तो स्मार्ट सिटी क्षेत्र या बंजर भूमि में यह अस्पताल बना सकती है।
सरकार का पक्ष
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि यह भूमि सरकारी है और अस्पताल का निर्माण राज्य की बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जरूरी है। वहीं, झामुमो नेताओं ने चंपाई के इस कदम को राजनीतिक ड्रामा करार दिया है।