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गुजरात से सकुशल घर लौटे पूर्वी सिंहभूम के 13 मज़दूर, पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की तत्परता से संभव हुई वापसी

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जमशेदपुर।
पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा प्रखंड अंतर्गत मटिहाना पंचायत के 13 मज़दूर, जो गुजरात के बेला स्थित एजिलिस विट्रिफाइड प्राइवेट लिमिटेड में कार्यरत थे, शुक्रवार को सकुशल अपने घर लौट आए। उनकी सुरक्षित वापसी पूर्व विधायक एवं झामुमो केंद्रीय प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी की पहल और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के त्वरित हस्तक्षेप से संभव हो सकी।

जानकारी के अनुसार, ये मज़दूर पिछले कई महीनों से गुजरात की उक्त कंपनी में काम कर रहे थे, लेकिन इस दौरान प्रबंधन द्वारा लगातार उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा था। जब उन्होंने घर लौटने की इच्छा जताई तो कंपनी प्रबंधन ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। परेशान होकर मज़दूरों ने अपने परिजनों को जानकारी दी, जिसके बाद परिजनों ने कुणाल सारंगी से मदद की गुहार लगाई।

मामले को गंभीरता से लेते हुए कुणाल षाड़ंगी ने तुरंत ट्विटर के माध्यम से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अवगत कराया और मज़दूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। मुख्यमंत्री ने तत्काल संज्ञान लेते हुए उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद गुजरात प्रशासन से समन्वय स्थापित कर मज़दूरों की सुरक्षित वापसी की प्रक्रिया शुरू की गई।

लगातार प्रयासों के बाद सभी 13 मज़दूर शुक्रवार को सकुशल अपने घर लौट आए। उनके लौटने से परिजनों और गांव में खुशी का माहौल है।

मज़दूरों से मुलाक़ात कर कुणाल सारंगी ने उनकी पीड़ा सुनी और आश्वासन दिया कि वे मज़दूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार आवाज़ उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि समय पर जनप्रतिनिधियों और सरकार की सक्रिय भूमिका मज़दूरों की समस्याओं के समाधान में कितनी महत्वपूर्ण साबित होती है।