चाकुलिया संवाददाता (रोहन सिंह): जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो ने बुधवार को लोकसभा में एक महत्वपूर्ण मांग उठाते हुए कहा कि घाटशिला और बहरागोड़ा के बीच एम्स अस्पताल की स्थापना की जानी चाहिए। उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से अपील की कि इस क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है।
सीमावर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव
सांसद महतो ने बताया कि जमशेदपुर संसदीय क्षेत्र झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल की सीमाओं से सटा हुआ है, जहां की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं। इन क्षेत्रों में आदिवासी, अनुसूचित जाति और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बड़ी आबादी निवास करती है, जिन्हें स्वास्थ्य सेवाओं की भारी कमी का सामना करना पड़ता है।
देवघर एम्स बहुत दूर, इलाज बनता है बोझ
उन्होंने यह भी बताया कि भले ही झारखंड में देवघर में एक एम्स अस्पताल है, लेकिन जमशेदपुर से उसकी दूरी लगभग 350 किलोमीटर है। ऐसे में गंभीर बीमारियों या आपात स्थितियों में लोगों को वहां तक पहुंचने में भारी कठिनाई होती है। यात्रा का खर्च और समय दोनों ही आम नागरिकों के लिए बड़ा बोझ बन जाते हैं।
सभी सीमावर्ती राज्यों को होगा लाभ
सांसद ने कहा कि यदि घाटशिला-बहरागोड़ा क्षेत्र में एम्स की स्थापना की जाती है तो इससे न केवल झारखंड, बल्कि ओडिशा और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती जिलों के नागरिकों को भी अत्यधिक लाभ मिलेगा। खासकर आदिवासी और पिछड़े समुदायों को इससे जीवनरक्षक स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ हो सकेंगी।
विकास और स्वास्थ्य की दिशा में ठोस पहल की जरूरत
उन्होंने केंद्र सरकार से इस विषय को गंभीरता से लेने की अपील की और कहा कि स्वास्थ्य सेवा तक आसान पहुंच नागरिकों का मौलिक अधिकार है, और सरकार को इसके लिए ठोस पहल करनी चाहिए।
📌 अबुआ खबर की टीम सांसद द्वारा उठाए गए इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर निरंतर नज़र बनाए हुए है।