
घाटशिला, पूर्वी सिंहभूम।
जिले में मिर्गी रोगियों की पहचान और उपचार के उद्देश्य से उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की पहल पर घाटशिला अनुमंडल अस्पताल में दो दिवसीय विशेष जांच शिविर का आयोजन किया गया। एम्स, नई दिल्ली के सहयोग से जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा आयोजित इस शिविर में कुल 438 मरीजों की जांच की गई, जिनमें 245 लोगों में मिर्गी की पुष्टि हुई।

शिविर के दूसरे दिन 275 मरीजों की जांच की गई। यह स्वास्थ्य पहल न केवल रोगियों की पहचान और उपचार में सहायक रही, बल्कि समाज में मिर्गी जैसी जटिल न्यूरोलॉजिकल बीमारी के प्रति जागरूकता भी बढ़ी। मरीजों को आवश्यक दवाएं और चिकित्सीय परामर्श मुफ्त में उपलब्ध कराया गया।
जांच कार्य एम्स, नई दिल्ली के न्यूरोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. ममता भूषण सिंह, डॉ. हेमंत तिवारी, डॉ. मयंक शर्मा तथा जिले के डीआरसीएचओ डॉ. रंजीत पंडा सहित विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा किया गया। शिविर का समन्वय सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल की देखरेख में हुआ।

उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने कहा कि, “अक्सर मिर्गी रोग के प्रति जागरूकता की कमी के कारण मरीज समय पर इलाज नहीं कराते। यह शिविर समय पर उपचार और सही जानकारी उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रशासन आगे भी ऐसे स्वास्थ्य शिविर आयोजित करता रहेगा।”
कार्यक्रम की सफलता में डॉ. आर.एन. सोरेन (उपाधीक्षक, अनुमंडल अस्पताल घाटशिला), हकीम प्रधान (जिला कार्यक्रम समन्वयक), श्री दिलीप कुमार (DDM), डॉ. विकाश मार्डी, डॉ. दीपक गिरी, डॉ. महेश हेंब्रम, मयंक कुमार सिंह (BPM) सहित सहिया साथी, BTT, MPW, CHO और BDM का विशेष योगदान रहा।