रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सारंडा मामले पर कैबिनेट में गहन विचार-विमर्श किया गया है और राज्य सरकार इस पूरे विषय को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष रखेगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सारंडा क्षेत्र के स्थानीय निवासियों के अधिकारों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि वन अधिकार कानून (Forest Rights Act) के तहत किसी को भी नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। सरकार का मकसद है कि विकास योजनाओं का सीधा लाभ गांवों और आदिवासी समुदायों तक पहुँचे ताकि वे समानता और गरिमा के साथ जीवनयापन कर सकें।
आगामी घाटशिला विधानसभा उपचुनाव को लेकर पूछे गए प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी बहुत जल्द अपने उम्मीदवार का नाम घोषित करेगी। वहीं, बिहार विधानसभा चुनाव पर उन्होंने बताया कि सीटों के बंटवारे को लेकर सहयोगी दलों के साथ बातचीत अंतिम चरण में है और जल्द ही इस पर आधिकारिक घोषणा की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने एक बार फिर अपने राजनीतिक अंदाज में कहा —
“हाथी चूहा नहीं बन सकता, जैसा नेचर वैसा काम करेगा।”
उन्होंने इस टिप्पणी के जरिए विपक्ष पर परोक्ष हमला बोलते हुए कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) अपने सिद्धांतों और जनहित की नीतियों से कोई समझौता नहीं करेगा।