रांची। झारखंड सरकार ने विभागीय जिम्मेदारियों को लेकर नई अधिसूचना जारी की है। राज्यपाल के आदेश से जारी इस अधिसूचना के तहत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग और निबंधन विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि पूर्व में किए गए विभागीय बंटवारे में कोई बदलाव नहीं होगा। सभी विभाग अपने-अपने दायरे में पहले की तरह कार्य करते रहेंगे।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पास पहले से ही कई अहम विभागों की कमान है। अब शिक्षा और निबंधन जैसे प्रमुख विभाग भी उनके जिम्मे आने से शासन की नीतियों और प्राथमिकताओं को लेकर नई दिशा तय होने की संभावना जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग सीधे तौर पर राज्य के बच्चों और युवाओं की पढ़ाई-लिखाई तथा भविष्य से जुड़ा है। वहीं निबंधन विभाग राजस्व व संपत्ति संबंधी मामलों में अहम भूमिका निभाता है। इन दोनों विभागों के मुख्यमंत्री के पास आने से प्रशासनिक कार्यों में तेजी और बेहतर समन्वय की उम्मीद की जा रही है।
अधिसूचना में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह आदेश 18 अगस्त 2025 से तत्काल प्रभाव से लागू होगा। इस पर झारखंड सरकार की प्रधान सचिव वंदना डाडेल के हस्ताक्षर किए गए हैं।
इस निर्णय ने राजनीतिक हलकों में चर्चा को और तेज कर दिया है। सत्ता पक्ष इसे सरकार की कार्यकुशलता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम मान रहा है, जबकि विपक्ष की प्रतिक्रिया अभी आना बाकी है।
अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन नए विभागों की जिम्मेदारी कैसे निभाते हैं और आने वाले दिनों में शिक्षा व निबंधन से जुड़े फैसलों में क्या बड़े बदलाव देखने को मिलते हैं।