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जमशेदपुर में शांति समितियों को लेकर पुलिस प्रशासन सख्त, विवादित छवि वाले लोगों की एंट्री पर रोक

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जमशेदपुर में केंद्रीय और थाना स्तरीय शांति समितियों में आपराधिक पृष्ठभूमि तथा भूमि विवादों से जुड़े लोगों की सक्रियता को लेकर उठे सवालों के बाद जिला पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। अब विवादित छवि वाले व्यक्तियों को शांति समितियों में शामिल नहीं किए जाने का स्पष्ट निर्देश जारी किया गया है।

सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई भाजपा के पूर्व जिला प्रवक्ता अंकित आनंद द्वारा की गई शिकायत के बाद शुरू हुई। अंकित आनंद ने बीते मार्च महीने में डीजीपी, उपायुक्त और एसएसपी को पत्र भेजकर मांग की थी कि शांति समितियों से भू-माफिया, अतिक्रमणकारी और आपराधिक मामलों से जुड़े लोगों को बाहर किया जाए।

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मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासनिक स्तर पर जांच शुरू की गई। इसके बाद वरीय पुलिस अधीक्षक पीयूष पांडेय ने नगर और ग्रामीण पुलिस अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

एसएसपी के निर्देश के बाद सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों और थाना प्रभारियों को कहा गया है कि जिन लोगों पर भूमि अतिक्रमण, विवादित गतिविधियों या आपराधिक मामलों से जुड़े आरोप हैं, उन्हें शांति समिति का सदस्य नहीं बनाया जाए।

हाल के दिनों में अंकित आनंद ने टेल्को थाना शांति समिति और केंद्रीय शांति समिति में कुछ विवादित लोगों की भूमिका पर सवाल उठाए थे। शिकायत मिलने के बाद पुलिस प्रशासन ने समिति के सदस्यों की पृष्ठभूमि की जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।

पुलिस प्रशासन का मानना है कि शांति समितियों का उद्देश्य समाज में सौहार्द, आपसी विश्वास और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। ऐसे में समितियों में स्वच्छ छवि और सामाजिक प्रतिष्ठा रखने वाले लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए।