50 लाख की लागत से बना भवन पांच माह में ही हुआ जर्जर
चाकुलिया। संवाददाता
चाकुलिया स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परिसर में गुरुवार को बड़ा हादसा होते-होते टल गया। अस्पताल परिसर में करीब 50 लाख रुपये की लागत से बने नवनिर्मित भवन की छत का प्लास्टर अचानक टूटकर नीचे गिर पड़ा। घटना के समय वहां मौजूद कई स्वास्थ्य कर्मी और मरीज बाल-बाल बच गए।
बताया जा रहा है कि इसी भवन में लैब टेक्नीशियन बैठते हैं और मरीजों के रक्त जांच समेत अन्य परीक्षण किए जाते हैं। घटना के कुछ ही देर पहले महिला लैब टेक्नीशियन छोटू गोराई कमरे में कुर्सी पर बैठी थीं। तभी छत का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया, जिससे कुर्सी भी क्षतिग्रस्त हो गई। प्लास्टर गिरते ही परिसर में अफरा-तफरी मच गई और वहां मौजूद मरीज व स्वास्थ्यकर्मी तुरंत बाहर निकल गए।

हालांकि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन करीब 100 वर्ग फीट हिस्से का प्लास्टर गिरने से भवन निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना के बाद लैब में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मी संतोष कुमार, चंद्रेश्वर करुणामय, प्रवीर बेहरा, काजल महतो और छोटू गोराई भय के माहौल में काम कर रहे हैं।
स्वास्थ्य कर्मी संतोष कुमार ने बताया कि वे सभी संविदा पर कार्यरत हैं। यदि किसी प्रकार की दुर्घटना होती है तो उनके परिवार को किसी प्रकार की सहायता मिलने की भी उम्मीद नहीं है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि 9 मई को इसी भवन में महिलाओं के लिए एएनसी जांच शिविर आयोजित होना है। ऐसे में यदि दोबारा कोई हादसा हुआ तो बड़ी जनहानि हो सकती है।
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इधर सीएचसी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रंजीत मुर्मू ने बताया कि दिसंबर 2025 में ही इस भवन को स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर किया गया था। निर्माण के दौरान ही कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे थे। उन्होंने कहा कि प्लास्टर के बाद सही तरीके से पानी का छिड़काव नहीं किए जाने के कारण निर्माण कमजोर हो गया। घटना के बाद स्वास्थ्य कर्मियों में डर का माहौल है और वे भवन में बैठने से घबरा रहे हैं।