रांची। झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में शून्यकाल के दौरान बहरागोड़ा विधायक समीर कुमार मोहंती ने मनरेगा कर्मियों की स्थिति पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राज्य में विगत 18 वर्षों से मनरेगा कर्मी अल्प मानदेय पर कार्य करते हुए सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं को धरातल पर उतार रहे हैं।
विधायक ने कहा कि वर्तमान महंगाई के दौर में इतना कम मानदेय मिलने से कर्मियों के परिवार का भरण-पोषण करना लगभग असंभव है। उन्होंने आसन के माध्यम से सरकार से मांग की कि उड़ीसा, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान की तर्ज पर झारखंड में भी मनरेगा कर्मियों के लिए सेवाशर्त नियमावली में संशोधन किया जाए। साथ ही सेवा स्थायीकरण और उचित वेतनमान सुनिश्चित करने की व्यवस्था की जाए।
समीर मोहंती ने जोर देकर कहा कि यदि सरकार वास्तव में ग्रामीण विकास और योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के प्रति गंभीर है, तो मनरेगा कर्मियों को स्थायी सेवा का दर्जा और न्यायसंगत वेतन देना आवश्यक है।