रांची, 29 जून | AbuaKhabar.com रिपोर्ट
झारखंड में इस बार मानसून ने समय से पहले ही रौद्र रूप धारण कर लिया है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के चलते राज्यभर में तेज़ बारिश का सिलसिला जारी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी करते हुए भारी बारिश, वज्रपात और जलभराव की चेतावनी दी है।
🌧️ राजधानी रांची में बारिश का रिकॉर्ड टूटा
राजधानी रांची में अब तक 552.2 मिमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 207% अधिक है। यह बताता है कि मानसून इस साल न केवल समय से पहले आया, बल्कि अब तक आकस्मिक और मूसलधार वर्षा की वजह बन चुका है।
⚠️ भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी
IMD के अनुसार, 30 जून से 1 जुलाई तक इन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है:
🟠 ऑरेंज अलर्ट जिलों की सूची
- रांची
- धनबाद
- बोकारो
- रामगढ़
- खूंटी
- सरायकेला-खरसावां
- पश्चिमी सिंहभूम
- गढ़वा
- पलामू
- चतरा
- लातेहार
- लोहरदगा
- गुमला
🟡 येलो अलर्ट (29 जून – 2 जुलाई)
- कोडरमा, हजारीबाग, देवघर, सिमडेगा, पाकुड़, दुमका, साहिबगंज को छोड़कर लगभग सभी जिलों में सावधानी बरतने की सलाह।
⚡ 1 जुलाई को वज्रपात की चेतावनी
गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, लोहरदगा और गुमला में 1 जुलाई को वज्रपात के साथ भारी बारिश की आशंका जताई गई है। लोगों को खुले मैदान या पेड़ के नीचे न खड़े होने की सलाह दी गई है।
झारखंड में औसत से दोगुनी बारिश
- 1 जून से 29 जून 2025 तक झारखंड में 306.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है।
- जबकि सामान्य वर्षा इस अवधि में 170.3 मिमी होती है।
- इससे राज्य में कई जगहों पर जलजमाव, सड़कें डूबी, और बाढ़ जैसे हालात बनते जा रहे हैं।
🛑 प्रशासन और नागरिकों को अलर्ट रहने की अपील
मौसम विभाग ने कहा है कि—
- निचले इलाकों से लोग सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करें।
- वज्रपात के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से दूरी बनाएं।
- यात्रा से पहले मौसम अपडेट जरूर लें।
- बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सतर्कता की आवश्यकता है।
📷 सोशल मीडिया पर वायरल हो रहीं तस्वीरें
रांची, जमशेदपुर और खूंटी से सड़कों पर जलभराव, बहते वाहन और गिरे पेड़ की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। लोगों ने प्रशासन से आपात राहत और निकासी उपाय तेज़ करने की मांग की है।