रांची, 5 जुलाई:
झारखंड में लंबे समय से टलते आ रहे नगर निकाय चुनाव को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। राज्य सरकार ने प्रक्रिया को तेज़ करते हुए सभी संबंधित विभागों को तैयारी में जुटा दिया है। उम्मीद है कि बहुप्रतीक्षित नगर निगम चुनाव अब जल्द ही संपन्न होंगे।
ज्ञात हो कि झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 4 महीने के भीतर चुनाव कराने का निर्देश दिया था, जिसकी समयसीमा 16 मई को समाप्त हो चुकी है। इसके बाद से सरकार पर दबाव लगातार बढ़ रहा था। अब सरकार ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
🔹 1600 करोड़ का नुकसान, बाधित विकास कार्य
चुनाव न होने की वजह से झारखंड को लगभग 1600 करोड़ रुपये की राशि केंद्र से नहीं मिल पा रही थी, जिससे नगर निकायों के कई विकास कार्य रुक गए थे। चुनाव न होने से स्थानीय प्रशासनिक तंत्र निष्क्रिय पड़ा था, जिससे आमजन को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
🔹 ट्रिपल टेस्ट की बाधा दूर
राज्य सरकार ने नगर निकाय चुनाव से पहले पिछड़ा वर्ग को आरक्षण देने हेतु “ट्रिपल टेस्ट” प्रक्रिया की आवश्यकता बताई थी। यह प्रक्रिया पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा पूरी की जानी थी, लेकिन आयोग का अध्यक्ष पद रिक्त होने के कारण कार्य आगे नहीं बढ़ सका था।
मुख्यमंत्री द्वारा तेजी से हस्तक्षेप करते हुए अब कल्याण विभाग को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने नियुक्ति प्रस्ताव मुख्यमंत्री को भेज दिया है, और संभावना है कि अगले सप्ताह तक अध्यक्ष की नियुक्ति हो जाएगी। इसके बाद नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी किए जाने का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा।
📌 क्या आगे होगा?
आगामी सप्ताहों में चुनाव कार्यक्रम तय हो सकता है
अधिसूचना जारी होते ही आचार संहिता लागू हो सकती है
नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत स्तर पर चुनाव होंगे
झारखंड की जनता अब स्थानीय लोकतंत्र की बहाली की राह देख रही है। राज्य सरकार की तैयारियों से साफ है कि अब नगर निकाय चुनाव में देरी नहीं होगी।