बहरागोड़ा (झारखंड)।
बहरागोड़ा प्रखंड से सटे ओडिशा राज्य के झारपोखोरिया थाना क्षेत्र में पिछले दो वर्षों से सड़क किनारे खड़ी खराब एंबुलेंस आज भी उपयोग में नहीं लाई जा सकी है। सरकारी उपेक्षा के चलते इन एंबुलेंस की हालत दिन-ब-दिन जर्जर होती जा रही है, जबकि सीमावर्ती क्षेत्र के मरीजों को समय पर इलाज न मिलने की भारी कीमत चुकानी पड़ रही है।
बहरागोड़ा प्रखंड की कुल आबादी लगभग 2 लाख 38 हजार है, लेकिन इस पूरे क्षेत्र में सिर्फ दो 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवाएं सक्रिय हैं। शेष तीन एंबुलेंस लंबे समय से खराब पड़ी हुई हैं। इस वजह से एक एंबुलेंस के मरीज को ले जाने के बाद दूसरे आपातकालीन मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है, जिससे कई बार गंभीर मरीजों की हालत बिगड़ जाती है।
जानकारी के अनुसार, बहरागोड़ा से सबसे निकटवर्ती बड़ा अस्पताल जमशेदपुर स्थित एमजीएम है, जो लगभग 95 किलोमीटर दूर है। वहीं, ओडिशा के बारीपदा स्थित अस्पताल 60 किलोमीटर की दूरी पर है। लेकिन एंबुलेंस के समय पर नहीं पहुंचने से कई बार मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर तबके के मरीजों के लिए निजी वाहन से अस्पताल ले जाना संभव नहीं होता, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि खराब एंबुलेंस की मरम्मत को लेकर न झारखंड प्रशासन और न ही ओडिशा प्रशासन कोई पहल कर रहा है। दोनों राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था इस लापरवाही का शिकार हो रही है।
जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से मांग की जा रही है कि खराब एंबुलेंस को शीघ्र मरम्मत कर चालू स्थिति में लाया जाए और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराई जाए ताकि मरीजों को समय पर इलाज मिल सके और अनावश्यक जानें न जाएं।