बहरागोड़ा, 16 अक्टूबर 2025 (संवाददाता एन बेरा):
बहरागोड़ा प्रखंड के खांडामौदा पंचायत अंतर्गत रांगड़ो खाल नदी किनारे स्थित खांडामौदा श्मशान घाट तक पहुंचने के लिए अब तक पक्की सड़क नहीं बन पाई है। इस वजह से गांव के लोगों को हर बार शव यात्रा के दौरान भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। करीब दो हजार परिवारों वाली खांडामौदा पंचायत की यह पुरानी मांग अब भी अधूरी पड़ी है, जिससे ग्रामीणों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है।
बरसात में कीचड़ और पानी से गुजरना बन जाता है मुश्किल
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट तक जाने वाली कच्ची सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। बरसात के मौसम में यह रास्ता दलदल में बदल जाता है और कीचड़ भर जाने से शव ले जाना अत्यंत कठिन हो जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार ऐसा हुआ है कि शव यात्रा के दौरान लोग फिसलकर गिर पड़े या बांस के सहारे शव को उठाना भी मुश्किल हो गया।
“बरसात में हम भगवान से यही दुआ करते हैं कि गांव में किसी की मृत्यु न हो,” एक स्थानीय ग्रामीण ने व्यथा व्यक्त करते हुए कहा।
झाड़ियों से ढका रास्ता और जर्जर श्मशान घाट परिसर
ग्रामीणों ने बताया कि कच्चे रास्ते के दोनों ओर झाड़ियां और कांटे उग आए हैं, जिससे पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। यही नहीं, लगभग 10 वर्ष पहले पूर्व विधायक कुणाल षडंगी के सहयोग से श्मशान घाट पर बनाए गए घर की स्थिति भी अब बेहद खराब है। भवन झाड़ियों में घिर गया है और उसकी मरम्मत तक नहीं हुई है।
ग्रामीणों की एकजुट मांग — एनएच-49 से श्मशान घाट तक बने पक्की सड़क
ग्रामीणों ने सरकार, क्षेत्रीय विधायक और सांसद से गुहार लगाई है कि एनएच-49 से श्मशान घाट तक करीब 400 मीटर लंबी पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए। उनका कहना है कि इस सड़क के बन जाने से न केवल शव यात्रा में सुविधा होगी बल्कि गांव के धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों के लिए भी रास्ता आसान हो जाएगा।
स्थानीय लोग बोले – अब धैर्य की सीमा खत्म
गांव के प्रमुख नागरिकों ने बताया कि कई बार पंचायत और प्रखंड कार्यालय में आवेदन दिया गया, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। “हम दशकों से सड़क की मांग कर रहे हैं, परंतु अधिकारी सिर्फ आश्वासन देते हैं,” एक ग्रामीण नेता ने कहा।
ग्रामीणों की बड़ी संख्या ने जताई नाराज़गी
इस मौके पर धनपति बेरा, आसिष सतपति, सुकरा बेरा, सुनील बेरा, कराली त्रिपाठी, बिनय रथ, पवित्र बेरा, चतुर्भुज बेरा, विजय रथ, भवेश षडंगी, पापु दास, गदाधर नायक, सुभम सतपति, मदन मोहन बेरा, कान्हू बेरा, रबिन्द्रनाथ बेरा, मनोरंजन नाईक, गोपाल बेरा, स्वपन बेरा, मिहिर बेरा, तपु बेरा, बिप्लब बेरा, महेश्वर बेरा, भवानी शंकर बेरा, सुप्रसन्न बेरा, विनायक गिरी, बापुन बेरा, सुमन बेरा, ईश्वर बेरा, शिवशंकर माइती, नीना माइती, निरंजन बाग, अमित पाइकिरा, भंदा दलाई, सोना महापात्र, सुरु नाईक, धीरेंद्र नाथ माइती, राम बाग, आदित्य चालक, जामिनि देहरी, बीजो देहरी, पिंटू चालक, दीपक देहरी, सत्य भक्ता, बकुल बाग, धीरेन पाइकिरा समेत सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में जल्द से जल्द सड़क निर्माण की मांग दोहराई।