धार्मिक अनुष्ठानों के बीच सैकड़ों श्रद्धालुओं ने किया दर्शन, महाप्रसाद का वितरण
बहरागोड़ा।
बहरागोड़ा प्रखंड के भूतिया पंचायत अंतर्गत लाउडोंका गांव स्थित देउला जगन्नाथ मंदिर में मंगलवार को वार्षिक महामहोत्सव श्रद्धा और भक्ति के माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर दिनभर मंदिर परिसर में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया।
प्रातः आरती व अभिषेक से हुआ शुभारंभ
महामहोत्सव की शुरुआत सुबह प्रातः आरती और अभिषेक के साथ हुई। इसके पश्चात मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे भक्तों ने दोनों हाथ उठाकर जगन्नाथ स्वामी की जय-जयकार की और भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा के विग्रहों का दर्शन किया।
विधि-विधान से संपन्न हुए अनुष्ठान
मंदिर के पुजारी शिव प्रसाद कर ने वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ सभी धार्मिक अनुष्ठानों को संपन्न कराया। इस दौरान प्रवचन देते हुए मनोरंजन गिरी ने कहा कि संसार में रहते हुए सुख की प्राप्ति के लिए हृदय से प्रभु की सेवा और हरिनाम संकीर्तन आवश्यक है।
मानव जीवन को बताया दुर्लभ
प्रवचन के दौरान उन्होंने कहा कि मानव शरीर अत्यंत दुर्लभ है, जो 84 लाख योनियों में भटकने के बाद प्राप्त होता है। ऐसे में जो व्यक्ति मानव जीवन पाकर भी सत्कर्म और ईश्वर भक्ति नहीं करता, वह दुर्भाग्यशाली है।
कीर्तन-भजन के बाद महाप्रसाद वितरण
प्रवचन के उपरांत भोग आरती, कीर्तन और भजन का आयोजन हुआ। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद के रूप में खिचड़ी, खीर और सब्जी का वितरण किया गया। पूरे दिन मंदिर परिसर में दर्शन-पूजन के लिए भक्तों की भीड़ लगी रही।
आयोजन में स्थानीय लोगों का रहा सहयोग
महामहोत्सव के सफल आयोजन में हरीपद पाल, रतिकांत सीट, बंशीधर महापात्र, बेनुधारि मंडल, निर्मल मंडल, इंद्रजीत दास, रामचंद्र बेज, धीरेंद्र माईती, शामसुंदर बारीक, तपन आचार्य, विश्वजीत मुंडा, भास्कर बारीक, देबसिष गिरी, पिंटू माईती सहित अनेक ग्रामीणों का सक्रिय योगदान रहा।