रांची: झारखंड सरकार ने राज्य में शराब दुकानों के संचालन समय में बड़ा बदलाव किया है। अब राज्य भर की शराब दुकानें सुबह 10 बजे से लेकर रात 11 बजे तक खुली रहेंगी। पहले ये समय सीमा रात 10 बजे तक थी। सरकार की नई उत्पाद नीति के तहत यह बदलाव लागू किया गया है।
इसके साथ ही खुदरा शराब दुकानों के आवंटन के लिए लॉटरी प्रक्रिया की तैयारी भी शुरू हो गई है। राज्य के उत्पाद आयुक्त रविशंकर शुक्ला ने सभी जिलों के सहायक उत्पाद आयुक्तों और संबंधित अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस प्रक्रिया की जानकारी साझा की। इस बैठक में शराब व्यापार से जुड़े इच्छुक कारोबारी भी शामिल हुए।
दुकानों का आवंटन: ग्रुप सिस्टम से तय होगा हिस्सा
नई नीति के अनुसार, राज्य में दुकानों का आवंटन ग्रुप प्रणाली के तहत किया जाएगा।
एक ग्रुप में 1 से 4 दुकानें शामिल होंगी।
कोई भी आवेदक एक जिले में अधिकतम तीन ग्रुप की लॉटरी में भाग ले सकता है, यानी एक जिले में अधिकतम 12 दुकानों तक का आवंटन संभव होगा।
पूरे राज्य स्तर पर कोई भी आवेदक अधिकतम 9 ग्रुप में हिस्सा ले सकता है, जिससे 36 दुकानों तक का आवंटन किया जा सकेगा।
लॉटरी में भाग लेने के लिए आवेदकों को दुकान के निर्धारित न्यूनतम राजस्व का 2% अग्रिम जमा करना अनिवार्य होगा।
नगर निगम क्षेत्रों में प्रति दुकान ₹25,000 की लॉटरी फीस निर्धारित की गई है। अगर दुकान आवंटित होती है, तो यह राशि समायोजित कर दी जाएगी, और असफल आवेदकों को 15 दिनों के भीतर राशि वापस कर दी जाएगी।
पारदर्शिता और निगरानी के लिए ट्रैकिंग सिस्टम
नई उत्पाद नीति में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए कई प्रावधान शामिल किए गए हैं:
कारोबारियों को हर दिन स्टॉक की जानकारी देनी होगी।
शराब बिक्री प्रक्रिया को ‘ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम’ से जोड़ा जाएगा, जिससे किसी भी प्रकार की अनियमितता पर नजर रखी जा सकेगी।
व्यापारियों को 12% लाभांश तय किया गया है।
सरकार का उद्देश्य इस नई व्यवस्था के माध्यम से शराब व्यापार को अधिक पारदर्शी, नियंत्रित और व्यवस्थित बनाना है, ताकि राजस्व में वृद्धि हो सके और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा मिले।