बहरागोड़ा/मनुषमुडिया:
मनुषमुडिया गांव स्थित जाहेरगढ़ की जमीन पर बनने वाले पार्क और बाउंड्री वॉल निर्माण कार्य को लेकर विवाद गहरा गया है। शनिवार को कार्य स्थल पर पहुंचे ठेकेदार और मजदूरों को ग्रामीणों ने रोक दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जिस भूमि पर निर्माण कराया जा रहा है, वह जाहेरथान समिति की पारंपरिक जमीन है और बिना स्पष्ट सीमांकन व सहमति के विकास कार्य शुरू किया गया है।
ग्रामीणों का आरोप – बिना सीमांकन जबरन शिलान्यास, दो साल से विवाद कायम
ग्रामीणों का कहना है कि साल 2022 से ही मनुषमुडिया और कोलाबनी–कलापाथर पंचायत के गांवों के बीच जाहेरगढ़ की जमीन को लेकर विवाद चल रहा है।
इसके बावजूद पंचायत द्वारा पार्क निर्माण का शिलान्यास कर दिया गया, जबकि जमीन की सीमा अभी साफ नहीं है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि
- निर्माण स्थल की मापी नहीं कराई गई,
- जाहेरथान समिति से कोई लिखित सहमति नहीं ली गई,
- और दूसरे पंचायत के लोग जमीन पर दावा कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने इसे आस्थास्थल से छेड़छाड़ बताया है।
निर्माण कार्य रोक कर पंचायत को नोटिस देने की मांग
स्थानीय लोगों ने शनिवार को स्थल पर पहुंचकर निर्माण कार्य को रोक दिया और चेतावनी दी कि जब तक स्पष्ट सीमा निर्धारण नहीं होता, काम शुरू नहीं होने दिया जाएगा।
ग्रामीणों की मुख्य मांगें:
✔️ सीमांकन कराते हुए जमीन की वास्तविक सीमा तय की जाए
✔️ जाहेरथान समिति को भरोसे में लिया जाए
✔️ जाहेरगढ़ भूमि पर बाहरी हस्तक्षेप रोका जाए
उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन हस्तक्षेप नहीं करता, तो वे डीसी जमशेदपुर और एसडीओ घाटशिला को लिखित शिकायत देंगे।
ग्रामीणों का यह भी कहना…
गांव के बुजुर्गों का कहना है कि जाहेरगढ़ सदियों पुराना पारंपरिक स्थल है और यहां किसी भी निर्माण से पहले समुदाय की सहमति अनिवार्य है।
लोगों ने आरोप लगाया कि पंचायत को बार–बार सूचना देने के बाद भी इसे नजरअंदाज कर, मनमानी तरीके से कार्य प्रारंभ कर दिया गया।
प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग तेज
स्थिति तनावपूर्ण होने की आशंका के बीच ग्रामीणों ने मामले की जांच और कार्य रोकने के लिए प्रशासन से तत्काल कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब तक विवाद सुलझ नहीं जाता, तब तक वे किसी भी तरह का निर्माण नहीं होने देंगे।