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मानुषमुड़िया की गीता राणा जर्जर झोपड़ी में रहने को मजबूर, अबुआ आवास योजना के तहत मदद की उम्मीद

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बहरागोड़ा। संवाददाता (बापुन)
बहरागोड़ा प्रखंड के मानुषमुड़िया गांव की रहने वाली गीता राणा बीते कई महीनों से एक जर्जर झोपड़ी में जीवन व्यतीत करने को मजबूर हैं। गीता राणा के अनुसार, उनके पति का देहांत हो चुका है और उनकी एकमात्र बेटी की शादी हो गई है। अब वे अकेली रहती हैं और दूसरों के घरों में काम करके किसी तरह अपनी आजीविका चला रही हैं।

बारिश के मौसम में उनकी परेशानी और भी बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि उनके घर की पुआल से बनी छावनी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिसके चलते वह तिरपाल लगाकर किसी तरह रह रही हैं। गीता ने बताया कि आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर है कि वह अपने घर की मरम्मत तक नहीं करवा सकतीं।

गीता राणा ने अबुआ आवास योजना के तहत सरकारी सहायता के लिए प्रखंड कार्यालय में आवेदन भी दिया है, लेकिन अभी तक उनके नाम से आवास स्वीकृत नहीं हुआ है। इसके बाद उन्होंने पंचायत के मुखिया राम मुर्मू से मदद की गुहार लगाई। शिकायत मिलने पर मुखिया राम मुर्मू ने गीता राणा के घर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और तत्पश्चात प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) केशव भारती से संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी दी।

इस संबंध में बीडीओ केशव भारती ने आश्वासन दिया है कि नियमों के तहत गीता राणा को प्राथमिकता देते हुए जल्द से जल्द आवास योजना का लाभ दिलाया जाएगा।

स्थानीय प्रशासन के संज्ञान में मामला आने के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि गीता राणा को शीघ्र ही सरकार की योजना का लाभ मिलेगा और उन्हें एक सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जाएगा।