पशु ऋण विवाद में बड़ा मोड़: शिकायतकर्ता ने पदाधिकारी को बताया निर्दोष
बहरागोड़ा | संवाददाता : बहरागोड़ा प्रखंड में पशु ऋण वितरण में कथित ‘बंदरबांट’ विवाद में नाटकीय मोड़ आया है। मूल शिकायतकर्ता, गुहियापाल पंचायत के बांकदोह गांव निवासी द्विजेन राउत ने अपने पूर्व आरोपों पर स्पष्टीकरण देते हुए प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी, गुडाबांधा को निर्दोष बताया है।
बिचौलिए पर आरोप, अधिकारी को किया बचाया
द्विजेन राउत ने उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम कर्ण सत्यार्थी को संबोधित आवेदन में कहा कि उनके द्वारा 10 दिसंबर 2025 को दर्ज कराई गई शिकायत बिचौलिए हिमांशु बेरा द्वारा दी गई गलत जानकारी के कारण थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बिचौलिए ने जानबूझकर भ्रम फैलाया कि पशुपालन विभाग की इसमें कोई संलिप्तता है।
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बैंक से जुड़ी थी पूरी प्रक्रिया
शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि पशु ऋण की पूरी प्रक्रिया वास्तव में बैंक से संबंधित थी और पशुपालन पदाधिकारी को केवल ऋण स्वीकृति के बाद पशुओं के बीमा (इंश्योरेंस) की प्रक्रिया के लिए बुलाया गया था। चूंकि अभी तक लाभार्थियों को पशु उपलब्ध नहीं कराए गए हैं, इसलिए बीमा प्रक्रिया भी पूरी नहीं हुई।
पदाधिकारी को हुई अनावश्यक परेशानी
द्विजेन राउत ने स्वीकार किया कि उनकी पिछली शिकायत के कारण पशुपालन पदाधिकारी को अनावश्यक मानसिक और प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने इसके लिए गहरा खेद प्रकट किया और आग्रह किया कि उनके पूर्व शिकायत पत्र से पदाधिकारी का नाम तुरंत हटा दिया जाए।
प्रशासन को भेजा आवेदन
शिकायतकर्ता ने यह आवेदन प्रखंड विकास पदाधिकारी और जिला पशुपालन पदाधिकारी को भी प्रेषित किया है। इस कदम से स्पष्ट है कि अब विवाद का समाधान हो गया है और पदाधिकारी का नाम विवाद से मुक्त कर दिया गया है।