जमशेदपुर की प्रमुख सामाजिक संस्था प्रतीक संघर्ष फाउंडेशन (पीएसएफ) ने इस वर्ष अपना स्थापना दिवस शहर से दूर पोटका प्रखंड के घने जंगलों में बसे कोराड़कोचा गांव के नाम किया। संस्था की 30 सदस्यीय टीम ने गांव पहुंचकर सबर समुदाय सहित कुल 34 जरूरतमंद परिवारों के बीच व्यापक राहत सामग्री वितरित की।
अभियान के दौरान टीम ने प्रत्येक परिवार को संपूर्ण सूखा राशन, आवश्यक वस्त्र, बच्चों के लिए अध्ययन सामग्री, तथा स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फर्स्ट एड बॉक्स और महत्वपूर्ण दवाएं प्रदान कीं।

टीम पीएसएफ के निदेशक अरिजीत सरकार ने बताया कि हाल ही में एक समाचार रिपोर्ट में गांव की अत्यंत दयनीय स्थिति उजागर होने के बाद संस्था ने ठोस कदम उठाने का निर्णय लिया। इसके बाद टीम ने कोराड़कोचा को इस वर्ष के सबसे बड़े सामाजिक अभियान के लिए चुना।
इस पहल को संस्था के स्थापना दिवस, झारखंड स्थापना दिवस, और दिशोम गुरु शिबू सोरेन को समर्पित किया गया।
बाइट — अरिजीत सरकार (निदेशक, टीम पीएसएफ)
“कोराड़कोचा गांव की स्थिति के बारे में जानकारी मिलते ही हमने तय किया कि इस बार हमारा स्थापना दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि समाज की एक वास्तविक जरूरत को पूरा करने के लिए समर्पित होगा। हमारा प्रयास है कि इस गांव के विकास में निरंतर योगदान देकर यहां के परिवारों को बेहतर जीवन उपलब्ध कराया जा सके।”