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संताली समर कैंप में स्कूली बच्चे सीख रहे हैं ओलचिकी लिपि, भाषा और संस्कृति

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घाटशिला/चाकुलिया/बहरागोड़ा, झारखंड
संवाददाता रोहन सिंह की रिपोर्ट

ऑल इंडिया संताली राइटर्स एसोसिएशन (झारखंड ब्रांच) और ऑल झारखंड संताल प्राइमरी टीचर फेडरेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित संताली समर कैंप के नवें दिन घाटशिला, चाकुलिया और बहरागोड़ा प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों का दौरा किया गया।

इस समर कैंप में स्कूली बच्चे ओलचिकी लिपि, संताली भाषा, पारंपरिक नृत्य-संगीत, रीति-रिवाज, और संस्कृति के बारे में उत्साहपूर्वक सीख रहे हैं। दौरे में शामिल केंद्रीय उपाध्यक्ष मानिक हांसदा ने बताया कि बच्चों की भागीदारी सराहनीय है और यह कैंप बच्चों को अपनी मातृभाषा और संस्कृति से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बन रहा है।

झारखंड शाखा के सलाहकार सोभानाथ बेसरा ने बताया कि बच्चे बड़े उत्साह से संताली भाषा और ओलचिकी लिपि सीख रहे हैं। अध्यक्ष डॉ रजनी कांत मांडी ने कहा कि इस कैंप का उद्देश्य भाषाई प्रेम, सामाजिक जागरूकता और समाज की कुरीतियों को दूर करना है।

इस आयोजन में मुखिया पार्वती मुर्मु एक शिक्षिका के रूप में अहम भूमिका निभा रही हैं। दौरे में संगठन के कई प्रमुख सदस्य जैसे सुधीर चंद्र मुर्मू, बैजू मांडी, सुभाष चंद्र मांडी, भागिरथी हांसदा, रामजीत हांसदा और बिकल बेसरा शामिल थे।