बहरागोड़ा संवाददाता (निलेश बेरा): सावन मास की पहली सोमवारी के अवसर पर बहरागोड़ा प्रखंड स्थित प्राचीन बाबा चित्रेस्वर धाम में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। भगवान शिव की पूजा-अर्चना और जलाभिषेक के लिए हजारों की संख्या में भक्तों ने मंदिर में दर्शन किए और अपने आराध्य को प्रसन्न करने हेतु कांवर यात्रा करते हुए यहां पहुंचे।
मुख्य पुजारी दिपक सतपती और स्वपन सतपती समेत अन्य पुजारियों ने विधिपूर्वक मंत्रोच्चारण कर पूजा संपन्न कराई। पूजा में भाग लेने के लिए झारखंड के साथ-साथ पश्चिम बंगाल और ओडिशा से भी भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर की विशेषता यह है कि यह तीन राज्यों की सीमा पर स्थित है, जिस कारण सावन के महीने में यहां की भीड़ अन्य किसी भी समय की तुलना में कई गुना अधिक होती है।
पुजारी दिपक सतपती ने जानकारी दी कि यह मंदिर ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व का है, जहां राजा के समय से ही शिव पूजा की परंपरा चली आ रही है। उन्होंने बताया कि सावन के महीने में यहां कावंड़ियों का विशेष जमावड़ा होता है, जो विभिन्न नदी घाटों से जल भरकर बाबा को अर्पित करते हैं।
श्रद्धालुओं की भीड़ को सुचारू रूप से नियंत्रित करने के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा पर्याप्त प्रबंध किए गए थे। सुरक्षा, चिकित्सा और पेयजल जैसी व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
इस अवसर पर पूर्वी सिंहभूम जिला परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष राजकुमार सिंह भी बाबा चित्रेस्वर के दर्शन हेतु पहुंचे। उन्होंने विधिपूर्वक जलाभिषेक कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा, “सावन भगवान शिव की आराधना का श्रेष्ठ समय है और चित्रेस्वर धाम हमारी आस्था, परंपरा और संस्कृति का प्रतीक स्थल है।”
उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने की बात कही और स्थानीय लोगों से मिलकर उनका हालचाल भी जाना।