नई दिल्ली:
रूस और यूक्रेन के बीच चल रही शांति वार्ताओं के बावजूद जमीनी हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। यूक्रेन ने दावा किया है कि हालिया ड्रोन हमलों में उसने रूस के करीब 40 सैन्य विमानों को मार गिराया है, जिससे युद्ध की दिशा और अधिक उग्र होती दिख रही है।
यूक्रेन की घरेलू सुरक्षा एजेंसी एसबीयू के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी कि इन हमलों में रूस के टीयू-95 और टीयू-22 जैसे रणनीतिक बॉम्बर विमानों को भी निशाना बनाया गया। ये विमान लंबी दूरी तक मिसाइल दागने की क्षमता रखते हैं और रूस की वायुसेना की रीढ़ माने जाते हैं।
रूसी सैन्य शक्ति को गहरी चोट
यूक्रेनी हमलों से रूस को भारी सैन्य नुकसान हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े पैमाने पर विमानों की क्षति से रूस की वायु रणनीति पर असर पड़ सकता है और इसका प्रभाव युद्ध की अगली दिशा पर भी पड़ेगा।
शांति वार्ता पर संकट के बादल
हालात ऐसे समय में बिगड़े हैं जब दोनों देशों के बीच शांति वार्ता की कोशिशें जारी हैं। हालांकि, मौजूदा हमले इस ओर संकेत करते हैं कि कूटनीतिक प्रयासों के समानांतर रणभूमि पर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
युद्ध के अगले अध्याय की आहट?
यूक्रेन के इस साहसी कदम से जहां उसकी सैन्य रणनीति को मजबूती मिली है, वहीं यह रूस के लिए एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आया है। अब देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में यह युद्ध किस दिशा में बढ़ता है—शांति की ओर या और अधिक विनाश की ओर।