जमशेदपुर। जीएसटी विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए लगभग ₹200 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी जीएसटी घोटाले का खुलासा किया है। इस घोटाले के मास्टरमाइंड व्यापारी प्रदीप कलबालिया को विभाग की टीम ने बोकारो जिले के चास क्षेत्र से गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तारी के दौरान टीम ने उसके पास से ₹50 लाख रुपये नकद भी बरामद किए हैं।
छापेमारी में बरामद दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य
कार्रवाई के दौरान विभागीय अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, कंप्यूटर, मोबाइल फोन, पेन ड्राइव, फर्जी चालान बुक और लैपटॉप जब्त किए हैं। साथ ही संदिग्ध बैंक खातों को भी फ्रीज कर दिया गया है।
गिरफ्तारी के बाद जीएसटी विभाग की टीम आरोपी व्यापारी को जमशेदपुर लेकर पहुंची, जहाँ एमजीएम अस्पताल में उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया।
डीजीजीआई पटना जोनल यूनिट के नेतृत्व में कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय (DGGI) की पटना जोनल यूनिट के नेतृत्व में की गई। जांच में खुलासा हुआ कि प्रदीप कलबालिया ने शेल कंपनियों और वास्तविक कारोबारी नेटवर्क का उपयोग करके फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ उठाया था।
अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने फर्जी बैंकिंग लेन-देन और कागजी कंपनियों के माध्यम से टैक्स चोरी की साजिश रची थी। अब तक की जांच में ₹200 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी लेन-देन का मामला सामने आया है।
कई राज्यों तक फैला नेटवर्क, जांच जारी
जीएसटी विभाग के मुताबिक, यह पूरा नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ है और इससे जुड़े अन्य व्यापारियों और कंपनियों की भी जांच की जा रही है।
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती साक्ष्य बेहद गंभीर हैं और आगे की कार्रवाई में अन्य सहयोगियों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।
📌 मुख्य बिंदु (Highlights):
₹200 करोड़ से अधिक का जीएसटी घोटाला उजागर
मास्टरमाइंड प्रदीप कलबालिया बोकारो के चास से गिरफ्तार
₹50 लाख नकद, फर्जी चालान बुक और डिजिटल साक्ष्य बरामद
DGGI पटना जोनल यूनिट की टीम ने की कार्रवाई
कई राज्यों में फैला फर्जी कंपनियों का नेटवर्क