जमशेदपुर, 08 अक्टूबर 2025 | अबुआ खबर डेस्क
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के युवा नेता अंकित सिंह ने पार्टी के केंद्रीय प्रवक्ता और पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी के बयान का समर्थन करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के हालिया रवैये पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
अंकित सिंह ने कहा कि कुणाल षाड़ंगी ने जो मुद्दा उठाया है, वह किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि एक नैतिक और संवेदनशील प्रश्न है, जो झारखंड की राजनीति की मौजूदा स्थिति को उजागर करता है।
उन्होंने कहा कि “आज चंपई सोरेन जी, जिन्होंने कभी झामुमो के मंच से ‘गुरुजी’ शिबू सोरेन के सिद्धांतों की बात की थी, अब भाजपा में जाकर अपने बेटे के लिए टिकट की लॉबिंग में व्यस्त हैं। यह देखकर दुख होता है कि सत्ता और महत्वाकांक्षा ने रिश्तों और मानवीय मूल्यों को पीछे छोड़ दिया है।”
अंकित सिंह ने यह भी कहा कि स्वर्गीय दिशोम गुरु शिबू सोरेन, जिन्होंने झारखंड आंदोलन और झामुमो की नींव अपने संघर्ष से खड़ी की, उनके अंतिम दिनों में चंपई सोरेन द्वारा हालचाल न पूछना या दिल्ली अस्पताल न जाना बेहद दुखद और असंवेदनशील व्यवहार को दर्शाता है।
उन्होंने कहा, “कभी झामुमो में रहते हुए जो नेता यह तय करते थे कि कौन किस सीट से चुनाव लड़ेगा, आज वही एक सीट के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यह राजनीतिक यथार्थ का सबसे बड़ा उदाहरण है।”
अंकित सिंह ने आगे कहा कि राजनीति का आधार विचार, सिद्धांत और प्रतिबद्धता होना चाहिए, लेकिन आज कुछ लोगों ने इसे व्यक्तिगत स्वार्थ और सत्ता की सौदेबाज़ी तक सीमित कर दिया है।
अंत में उन्होंने कहा कि “हम सभी गुरुजी शिबू सोरेन के आदर्शों के प्रति दृढ़ हैं। उनकी सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम उनके बताए रास्ते पर चलें — जहाँ संघर्ष, समर्पण और सत्यनिष्ठा ही राजनीति का आधार हो।”