संवाददाता: निलेश बेरा | बहरागोड़ा, 3 जून
बहरागोड़ा प्रखंड अंतर्गत खंडामौदा गांव में आयोजित तीन दिवसीय मां शीतला पूजा मंगलवार को विधि-विधान और धार्मिक उल्लास के साथ सम्पन्न हुई। पूजा के अंतिम दिन हेमसागर तालाब में श्रद्धा और भक्ति के साथ कलश विसर्जन कर पूजा का समापन किया गया।
कलश विसर्जन से पूर्व महिलाओं ने मां शीतला की पूजा-अर्चना की और पूरे विधि-विधान से माता की आराधना की। उसके बाद स्थानीय कीर्तन मंडली ने शंख, घंटा और उलू ध्वनि के साथ संगीतमय कीर्तन किया। अंतिम चरण में मुख्य पुजारी सुशांत कर के नेतृत्व में कलश को विसर्जित किया गया।
भक्ति और उत्साह से सराबोर रहा माहौल
पूरे गांव में पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। पूजा के समापन के बाद सभी भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। पूजा स्थल पर आस्था और अनुशासन का अद्भुत संगम देखने को मिला।
रोग निवारण और कल्याण की कामना से होती है पूजा
स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार, मां शीतला की पूजा घर-परिवार में रोगों से रक्षा और स्वास्थ्य की कामना के लिए की जाती है। यह परंपरा विभिन्न गांवों में अलग-अलग तिथियों पर निभाई जाती है और इसमें ग्रामवासियों की गहरी आस्था जुड़ी रहती है।
पूजा आयोजन में कोमेटी की अहम भूमिका
पूरे आयोजन को सफल बनाने में मां शीतला गीति नाट्य कोमेटी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कोमेटी के प्रमुख सदस्य गौरांग बारीक, सुबल चंद्र बेरा, भवानी बेरा, इंद्रजीत बेहेरा, निबारण बेरा, निरंजन बाग, धनपति बेरा, प्रदीप बेरा, एकादशी पाइकिरा, संभूनाथ सीट, देबदत्त बेरा, पबित्र बेरा, गोपाल सीट, भास्कर बारीक, गदाधर नाईक, गयाराम भक्ता, निरंजन सीट, सुप्रसन्न बेरा, लक्ष्मी नारायण बेरा, ब्रह्मानंद बेरा समेत सभी सदस्यों ने मिलकर कार्यक्रम को भव्य रूप दिया।