📍 चाकुलिया | संवाददाता ( रोहन सिंह)
चाकुलिया प्रखंड के बर्डीकानपुर–कालापाथर पंचायत के भालुकनाला गांव में पिछले एक सप्ताह से डायरिया का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। गांव में मुख्यमंत्री जन जल योजना के तहत स्थापित दोनों जल मीनार पिछले एक साल से खराब पड़े हैं, जिसके कारण ग्रामीणों को जर्जर कुएं का पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
इसी दूषित पानी से डायरिया फैलने की आशंका जताई जा रही है। शनिवार की भोर में 65 वर्षीय पूर्णमी सिंह की मौत डायरिया से हो गई। वहीं, सोबेन सिंह (62) और सुमित्रा मुंडा (22) को चाकुलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया है।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय लापरवाही के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग अब तक खराब जल मीनारों की मरम्मत नहीं कर पाया है, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है।
हालांकि, स्वास्थ्य विभाग की ओर से कुएं में ब्लीचिंग पाउडर डाला गया है। शनिवार को सीएचओ शकुंतला कुमारी और एएनएम रीता सिंह गांव पहुंचीं और बीमार लोगों का हालचाल लिया।

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रंजीत मुर्मू ने बताया कि “स्वास्थ्य विभाग गांव की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। मृतका पूर्णमी सिंह पहले ठीक हो गई थीं, लेकिन बाद में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई। स्वास्थ्य कर्मी लगातार गांव में दवाएं उपलब्ध करा रहे हैं।”
ग्रामीणों ने बताया कि पेयजल विभाग के कर्मचारी पिछले शनिवार को गांव पहुंचे थे और जल मीनारों के खराब उपकरण निकालकर ले गए, लेकिन अब तक मरम्मत नहीं की गई है।
इस संबंध में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कनीय अभियंता भागीरथ रवानी ने कहा कि “रविवार दोपहर तक दोनों जल मीनारों की मरम्मत पूरी कर दी जाएगी। आवश्यक उपकरणों की मरम्मत चल रही है।”

वहीं, जिला परिषद सदस्य धरित्री महतो ने विभाग के लापरवाह रवैये पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, “मैंने सात दिन पहले ही विभाग के सहायक अभियंता को जल मीनारों की खराबी की जानकारी दी थी, लेकिन विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। अब स्थिति गंभीर हो चुकी है। मैं इसकी शिकायत उपायुक्त से करूंगी।”

मुख्य बिंदु:
भालुकनाला में एक सप्ताह से डायरिया का प्रकोप जारी
दूषित कुएं का पानी पीने से बीमारी फैलने की आशंका
वृद्धा की मौत, दो लोग सीएचसी में भर्ती
मुख्यमंत्री जन जल योजना की दोनों जल मीनारें सालभर से खराब
ग्रामीणों में विभागीय उदासीनता को लेकर आक्रोश