पटना।
बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता Samrat Choudhary को राज्य का नया मुख्यमंत्री चुना गया है। वे 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। इस फैसले के साथ ही राज्य में पहली बार भाजपा का कोई नेता मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने जा रहा है।
अब तक बिहार की सत्ता लंबे समय से Nitish Kumar के नेतृत्व में चल रही थी, जो जनता दल (यूनाइटेड) के प्रमुख चेहरे रहे हैं। उन्होंने बीते करीब दो दशकों में कई बार मुख्यमंत्री पद संभाला और गठबंधन की राजनीति में अहम भूमिका निभाई।
विधायक दल की बैठक में हुआ फैसला
भाजपा विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से सम्राट चौधरी को नेता चुना गया। इस प्रस्ताव को उपमुख्यमंत्री Vijay Kumar Sinha ने रखा, जिसे कई विधायकों का समर्थन मिला। इसके बाद पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षक और केंद्रीय मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने औपचारिक घोषणा की।
सम्राट चौधरी का बयान
मुख्यमंत्री चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी ने कहा कि पार्टी ने उन्हें जो जिम्मेदारी दी है, उसे वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएंगे। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि भाजपा के साथ जुड़ने के बाद उन्हें नई दिशा और विचारधारा मिली।
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उन्होंने यह भी कहा कि Narendra Modi के विकसित भारत के लक्ष्य और नीतीश कुमार के सुशासन के अनुभव को साथ लेकर बिहार को आगे बढ़ाया जाएगा।
नई सरकार को लेकर बढ़ी उम्मीदें
इस राजनीतिक बदलाव के बाद राज्य में नई सरकार से विकास और सुशासन को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं। भाजपा अब अपने नेतृत्व में सरकार चलाने की तैयारी में है, जिससे बिहार की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत मानी जा रही है।