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चाकुलिया डायट में यूनिसेफ-विक्रमशिला की पहल: गणित मेला में बच्चों ने सीखी मजेदार गणना की कला

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चाकुलिया, संवाददाता (रोहन सिंह) 23 अगस्त 2025:
गणित जैसे विषय को सरल, रोचक और जीवन से जुड़ा बनाने के उद्देश्य से शनिवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), चाकुलिया में एक गणित मेले का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला शिक्षा विभाग, यूनिसेफ और विक्रमशिला के संयुक्त प्रयास से आयोजित किया गया, जिसमें बच्चों ने खेल-खेल में गणित की बुनियादी अवधारणाएं सीखीं।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति और FLN पर जोर

कार्यक्रम का उद्घाटन डायट प्रभारी प्राचार्य रामनाथ सिंह, प्रशिक्षक बसंत मुंडा और विजय विक्टर समद द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर अधिकारियों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और Foundational Numeracy (FLN) की अहमियत पर चर्चा की, और शिक्षकों को बच्चों को रचनात्मक तरीके से पढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

25 स्कूलों के बच्चों और शिक्षकों ने लिया भाग

इस मेले में 25 विद्यालयों के 30 विद्यार्थी, 26 शिक्षक और 8 सीआरपी शामिल हुए। बच्चों ने विभिन्न गणित आधारित स्टॉलों में भाग लेकर जोड़-घटाव, आकृति पहचान, मापन और पैटर्न जैसी अवधारणाओं को अनुभवात्मक रूप से सीखा।

प्रमुख स्टॉलों में शामिल थे:

Fun with Addition (जोड़ को मजेदार बनाना)

Fun with Subtraction (घटाव का खेल)

Fun with Shapes (आकृतियों की दुनिया)

Fun with Measurements (मापन में मजा)

Fun with Patterns (पैटर्न की पहचान)

Fun with Puzzles (गणितीय पहेलियाँ)

इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों ने गणना को अपने दैनिक जीवन से जोड़ते हुए हल करना सीखा। रोचक पहेलियों और इंटरएक्टिव स्टेशनों ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ावा दिया और माहौल को जीवंत बना दिया।

शिक्षकों और टीम की अहम भूमिका

स्टॉल संचालन में शिवशंकर पोलाई, सुशीला हांसदा, आशीष कुमार गिरी, मौसमी गोराई, जया रानी महतो, बंशीबदन गोप, रासमनी देवी और कार्तिक चंद्र टुडू की भूमिका सराहनीय रही।
कार्यक्रम का संचालन विक्रमशिला के जिला समन्वयक पिंटू दास ने किया।

शिक्षा में नवाचार की दिशा में कदम

समापन सत्र में बोलते हुए डायट प्रभारी रामनाथ सिंह ने कहा,

“इस तरह के आयोजनों से न केवल बच्चों में गणित के प्रति रुचि और आत्मविश्वास बढ़ेगा, बल्कि शिक्षकों को भी नई शिक्षण विधियों को अपनाने की प्रेरणा मिलेगी। हम चाहेंगे कि इस मॉडल को अन्य विद्यालयों में भी दोहराया जाए।”

धन्यवाद ज्ञापन सुमन गोस्वामी और प्रशांत महतो द्वारा किया गया।