ऐतिहासिक और सांस्कृतिक एकता का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने झारखंड, बिहार, बंगाल और ओडिशा की साझा विरासत को रेखांकित करते हुए आपसी सहयोग और क्षेत्रीय समन्वय की आवश्यकता बताई।
‘सहकारी संघवाद’ की भावना से उठाई राज्यहित की 31 मांगें
मुख्यमंत्री ने बैठक में झारखंड के विकास, सामाजिक न्याय और क्षेत्रीय संतुलन से जुड़ी कुल 31 मांगें रखीं।

पर्यटन, आदिवासी और महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर
पर्यटन एवं MSME के जरिये ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति
आदिवासी सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित कर पर्यटन को बढ़ावा देने और MSMEs के जरिये आर्थिक समावेशन की बात कही।
मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना से महिलाओं को आर्थिक बल
18 से 50 वर्ष की महिलाओं को ₹2500 प्रतिमाह की सहायता से आत्मनिर्भरता को बढ़ावा।

खनन, भूमि और राजस्व से जुड़ी महत्वपूर्ण मांगें
DMFT नीति में संशोधन और PSU में स्थानीयों को प्राथमिकता की मांग
खनन प्रभावित आदिवासियों के जीवनस्तर में सुधार हेतु नीतिगत बदलाव की अपील।
कोल कंपनियों से ₹1.40 लाख करोड़ की बकाया राशि वसूली पर बल
राज्य के लंबित भुगतान को शीघ्र दिलाने की मांग।
बंद खदानों का सुरक्षित बंदीकरण (Mines Closure) जरूरी
अवैध खनन रोकने हेतु ठोस कार्रवाई पर बल।
शिक्षा, स्वास्थ्य और आदिवासी विकास पर खास ध्यान
ट्राइबल यूनिवर्सिटी के लिए केन्द्र से सहयोग की मांग
आदिवासी छात्रों को उच्च शिक्षा और शोध सुविधा देने हेतु विश्वविद्यालय स्थापना का प्रस्ताव।
RIMS-2 समेत नए मेडिकल कॉलेजों के लिए सहयोग की अपेक्षा
राज्य में चिकित्सकों की भारी कमी को दूर करने की अपील।
स्कूली छात्रवृत्ति और पोस्ट-मैट्रिक अवसरों के विस्तार पर बल
SC/ST/OBC छात्रों के लिए स्कॉलरशिप योजना को केन्द्र से समर्थन देने की अपील।
कनेक्टिविटी और अधोसंरचना विकास पर मुख्यमंत्री की वकालत
साहेबगंज से राँची एक्सप्रेसवे और मेट्रो परियोजना का प्रस्ताव
राज्य की राजधानी को बेहतर ट्रांसपोर्ट सुविधा देने हेतु राँची मेट्रो की मांग।
रेलवे विस्तार और लंबित योजनाओं को गति देने का अनुरोध
रेल नेटवर्क की कमज़ोर स्थिति पर चिंता जताई।
पूर्वोत्तर संपर्क और टूरिज्म सर्किट को विकसित करने की अपील
रामरेखा धाम को रामायण सर्किट और बौद्ध स्थलों को बौद्ध सर्किट से जोड़ने की मांग।
गरीबी, खाद्य सुरक्षा और सामाजिक सहायता योजनाओं की चर्चा
प्रधानमंत्री आवास और मनरेगा में भुगतान दर बढ़ाने की मांग
वर्तमान दरों को महंगाई के अनुरूप बढ़ाने का अनुरोध।
पेंशन योजनाओं में केंद्र का अंशदान बढ़ाकर ₹1000 प्रतिमाह करने की अपील
13 वर्षों से अटकी राशि में वृद्धि पर ज़ोर।
आयुष्मान योजना के बाहर गरीब परिवारों के लिए 15 लाख तक बीमा
‘मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना’ के संचालन में केन्द्र से सहयोग की उम्मीद।
पर्यावरण और जल प्रबंधन से जुड़े मुद्दों को भी उठाया
दामोदर को शामिल कर नमामि गंगे योजना में व्यापक सुधार की मांग
अन्य शहरों को भी इस योजना में शामिल करने की अपील।
सिंचाई परियोजनाओं में केंद्र से साझेदारी की अपील
झारखंड में सिंचित भूमि की कमी पर गहरी चिंता।
संघीय ढाँचे में संतुलन और संवैधानिक अधिकारों पर मुख्यमंत्री का आग्रह
भूमि अधिकार और सीबीए एक्ट संशोधन का विरोध
खनन के बाद भूमि का नियंत्रण राज्य को वापस सौंपने की मांग।
COMFED, होटल अशोक और अन्य संपत्ति बंटवारे पर नीति निर्धारण की माँग
बिहार-झारखंड के लंबित आस्ति विवादों पर नीतिगत समाधान की अपील।