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ग्लोबस स्प्रिट कंपनी पर प्रदूषण और अनियमितताओं का आरोप, ग्रामीणों ने किया धरना प्रदर्शन

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बहरागोड़ा। संवाददाता (एन. बेरा)
बहरागोड़ा प्रखंड क्षेत्र के ओलदा गोहलामुड़ा मौजा स्थित ग्लोबस स्प्रिट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के खिलाफ गुरुवार को श्रमिकों और ग्रामीणों ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री से लगातार प्रदूषण फैल रहा है और कंपनी द्वारा कई अनियमितताएं बरती जा रही हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि फैक्ट्री से निकला प्रदूषित पानी वर्षों से खेतों को नुकसान पहुंचा रहा है, जिससे फसलें बर्बाद हो रही हैं। इसके बावजूद अब तक प्रभावित किसानों को मुआवजा नहीं मिला है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि—

प्रदूषित पानी से नष्ट हुई फसलों का तत्काल मुआवजा दिया जाए।

फैक्ट्री से निकलने वाले पानी के निस्तारण का उचित प्रबंध किया जाए।

फैक्ट्री से फैल रही दुर्गंध से राहत दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

स्थानीय श्रमिकों को प्राथमिकता के आधार पर नौकरी दी जाए।

अधिगृहित वन भूमि को अविलंब खाली कराया जाए।

श्रमिकों को सुरक्षा उपकरण और आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

धरना स्थल पर अंचलाधिकारी राजा राम सिंह मुंडा और थाना प्रभारी अभिषेक कुमार पहुंचे। आंदोलनकारियों ने उन्हें मांग पत्र सौंपा। अंचलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि सभी मांगों की सूचना उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी और समाधान का प्रयास किया जाएगा।

धरना कार्यक्रम में प्रखंड अध्यक्ष आशीत मिश्रा, गोपन पड़ीहारी, राकेश महंती, दीपक महापात्र, आसीस महापात्रा, राकेश दास, गौतम दास, मुन्ना होता, जदूपति राणा, जितेंद्र ओझा, पिजूश नंदी समेत सैकड़ों लोग उपस्थित थे।

कंपनी का पक्ष

कंपनी के यूनिट हेड वंश बहादुर सिंह ने प्रदर्शन को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि “आज का धरना कुछ लोगों ने अपने निजी स्वार्थ के लिए किया है।” उनके अनुसार—

कंपनी में 60% कर्मियों को स्थानीय स्तर से ही नौकरी दी गई है।

तकनीकी दक्षता के आधार पर 40% कर्मियों की नियुक्ति बाहर से की गई है।

फैक्ट्री से निकलने वाला पानी अब पूरी तरह कंपनी परिसर में ही हार्वेस्टिंग प्रक्रिया से निस्तारित किया जा रहा है।

हाल के दिनों में लगातार बारिश के बावजूद फैक्ट्री परिसर से पानी निकलने की कोई शिकायत सामने नहीं आई है।