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गुड़ाबांदा: घर तोड़कर चावल खा गया जंगली हाथी, ग्रामीणों में दहशत

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गुड़ाबांदा प्रखंड अंतर्गत बालीजुड़ी पंचायत के हाथीडहर और नुआडी गांवों में शनिवार की देर रात एक जंगली हाथी गांव में घुस आया। अचानक हुए इस घटनाक्रम से गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।

हाथी ने गांव में कई कच्चे घरों को तोड़ दिया और घरों में रखे धान व चावल को खा गया। इसके अलावा आसपास लगे केले और अन्य फसली पौधों को भी हाथी ने तोड़कर बर्बाद कर दिया, जिससे ग्रामीणों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

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लगातार हाथियों के विचरण से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि रात के समय हाथियों के आने का डर बना रहता है और किसी बड़े हादसे की आशंका से सभी सहमे हुए हैं।

रविवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की नेता साकिला हेंब्रम प्रभावित गांवों में पहुंचीं। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर नुकसान का जायजा लिया और उनकी समस्याएं सुनीं।

साकिला हेंब्रम ने घटना की जानकारी वन विभाग के अधिकारियों को दी। उन्होंने मांग की कि प्रभावित परिवारों को शीघ्र मुआवजा दिया जाए और हाथियों से बचाव के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।

उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए टॉर्च, पटाखे और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि हाथियों को गांव से दूर रखा जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

इस घटना में देवाशीष नायेक, भरत नायेक, संध्या नायेक, सशोधर नायेक, सुरेंद्र नायेक और रंजीत नायेक के घरों को नुकसान पहुंचा है। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से शीघ्र सहायता की मांग की है।

ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों की नियमित निगरानी, गश्त बढ़ाने और स्थायी समाधान लागू करने की मांग की, ताकि क्षेत्र में हाथी-मानव संघर्ष को रोका जा सके।