बहरागोड़ा (झारखंड):
बहरागोड़ा प्रखंड क्षेत्र के पाथरघाटा गांव के दो मजदूरों की पश्चिम बंगाल के भामाल गांव में एक कुंए में डूबने से मौत हो गई। यह दर्दनाक हादसा गुरुवार सुबह हुआ, जब दोनों मजदूर समरसेबल मोटर का तार निकालने के प्रयास में कुएं में उतर रहे थे।

मृतकों की पहचान कार्तिक मुंडा और वृंदावन मुंडा के रूप में हुई है, जो झारखंड के पारुलिया पंचायत अंतर्गत पाथरघाटा गांव के रहने वाले थे। बताया जा रहा है कि राजमिस्त्री पुलिन मुंडा ने पश्चिम बंगाल के भामाल गांव में मकान निर्माण का ठेका लिया था, और वही इन मजदूरों को अपने साथ काम पर ले गया था।

हादसे का विवरण:
गुरुवार सुबह काम के दौरान कार्तिक मुंडा सबसे पहले कुएं में समरसेबल का तार निकालने के लिए उतरा। कुछ दूरी पर उतरने के बाद उसका सिर चकरा गया और वह पानी में गिर गया। उसे बचाने के लिए वृंदावन मुंडा कुएं में उतरा, लेकिन उसका भी संतुलन बिगड़ गया और वह भी डूब गया।
घटना के बाद शोर मचाने पर आसपास के ग्रामीणों की भीड़ जुट गई, लेकिन कुएं की गहराई और भय के कारण कोई भी ग्रामीण अंदर जाने को तैयार नहीं हुआ। सूचना पर पश्चिम बंगाल के बालियाबेड़ा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और झाड़ग्राम से अग्निशमन दल को बुलाया गया।
करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद अग्निशमन की टीम ने दोनों शवों को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए झाड़ग्राम अस्पताल भेज दिया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़:
मृतक वृंदावन मुंडा अपने पीछे 9 वर्षीय बेटा, पत्नी और वृद्ध माता-पिता छोड़ गया है, वहीं कार्तिक मुंडा की 3 वर्षीय बेटी और पत्नी व माता-पिता शोक संतप्त हैं। दुखद बात यह है कि दोनों को न तो पीएम आवास मिला है, न ही अबुआ आवास योजना का लाभ।
परिजनों ने प्रशासन से वित्तीय सहायता की मांग की है। गांव में शोक की लहर है और परिजन सदमे में हैं।