चाकुलिया। संवाददाता (रोहन सिंह) :
चाकुलिया प्रखंड के कालियाम पंचायत स्थित जामबनी गांव में जंगली हाथियों के उपद्रव से किसान इन दिनों बेहद परेशान हैं। पिछले कई दिनों से हाथियों का झुंड लगातार खेतों में घुसकर गरमा धान की खड़ी फसल को रौंद रहा है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
विगत रात्रि भी हाथियों के एक दल ने गांव में जमकर उत्पात मचाया। रात के समय बारिश हो रही थी और अधिकांश ग्रामीण अपने-अपने घरों में थे। इसी दौरान पास के जंगल से निकलकर हाथियों का झुंड गांव पहुंचा और खेतों में लगी गरमा धान की फसल को बर्बाद करने लगा। सुबह होते ही हाथी वापस जंगल की ओर लौट गए।
इस घटना में मुखिया दासो हेंब्रम समेत कुंवर हांसदा, नेपाल हेंब्रम, सावना हेंब्रम, करिया हांसदा, किशुन हांसदा, सिदाम हेंब्रम, दुर्गा हेंब्रम और जगन्नाथ हेंब्रम के खेतों में लगी फसल पूरी तरह नष्ट हो गई।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कड़ी मेहनत और भारी खर्च के साथ खाद, बीज और सिंचाई की व्यवस्था कर गरमा धान की खेती की थी, लेकिन हाथियों के लगातार हमलों से उनकी मेहनत पर पानी फिरता जा रहा है। किसानों ने बताया कि यह समस्या पिछले कई वर्षों से बनी हुई है और हर साल उन्हें इसी तरह नुकसान उठाना पड़ता है।
मुखिया ने प्रशासन से मांग की है कि वन विभाग जल्द से जल्द हाथियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की व्यवस्था करे, ताकि किसानों की फसलों को बचाया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो क्षेत्र के किसान वन विभाग के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे।