रांची, 13 जून — झारखंड में पारदर्शी और सटीक चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य के सभी 29,562 मतदान केंद्र क्षेत्रों की जियो फेंसिंग की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए राज्य भर से चयनित 540 निर्वाचन पदाधिकारियों और कर्मियों को 11 जून से 13 जून तक तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
इस प्रशिक्षण का आयोजन छह बैचों में किया गया, जिसमें प्रतिभागियों को पीपीटी प्रजेंटेशन, प्रैक्टिकल सत्र और फील्ड विजिट के माध्यम से तकनीकी जानकारी दी गई। साथ ही उनके कार्यों का मूल्यांकन कर प्रशिक्षण की गुणवत्ता और प्रभाव को भी सुनिश्चित किया गया।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने शुक्रवार को निर्वाचन सदन में आयोजित समापन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि यह तकनीक बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) को अपने-अपने क्षेत्र के मतदाताओं तक सटीक पहुंच बनाने में मदद करेगी। उन्होंने बताया कि अब प्रशिक्षित अधिकारी अपने जिलों में बीएलओ और बीएलओ सुपरवाइजर के साथ मिलकर मतदान केंद्रों की सीमाएं डिजिटल रूप से चिन्हित करेंगे।
समापन समारोह में संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी देव दास दत्ता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं राज्यभर के उप निर्वाचन पदाधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
इस कदम को चुनाव आयोग द्वारा डिजिटल चुनाव प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे मतदाता सूची के अद्यतन में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित हो सकेगी।