रांची: झारखंड की कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने राज्य में धान रोपनी के इस पारंपरिक समय में खेतों में उतरकर किसानों के साथ काम किया और अपनी जड़ों से जुड़ाव का संदेश दिया। उन्होंने कहा, “यह मेरा सौभाग्य है कि मैं इस परंपरा का हिस्सा बन सकी और इस धरती की बेटी हूँ।”
धान रोपनी का समय झारखंड में एक उत्सव जैसा होता है, जिसमें ग्रामीणों की सहभागिता और उल्लास देखते ही बनता है। मंत्री ने कहा कि इस मौके पर खेतों में मेहनत करने वाले किसानों के चेहरे पर मुस्कान लाना ही सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि इस वर्ष झारखंड की धरती पर भरपूर वर्षा हो और खेतों में धान की फसल लहलहाए, जिससे अन्नदाता की समृद्धि सुनिश्चित हो सके।

शिल्पी नेहा तिर्की की यह पहल न केवल किसानों के साथ एकजुटता दिखाती है, बल्कि कृषि को राज्य की रीढ़ मानते हुए इसे मजबूती देने की उनकी प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।
मंत्री का यह कदम राज्य के ग्रामीण अंचलों में सकारात्मक संदेश देने वाला माना जा रहा है। किसानों ने भी कृषि मंत्री के इस सहयोगात्मक की सराहना की और आशा जताई कि सरकार की योजनाएं धरातल पर तेजी से उतरेंगी।