जमशेदपुर।
झारखंड में कुड़मी और आदिवासी समाज के बीच बढ़ते मतभेद को कम करने के लिए कोल्हान के वरिष्ठ नेता सामने आए हैं। कोल्हान के पूर्व विधायक सूर्य सिंह बेसरा और पूर्व सांसद कृष्ण मार्डी ने दोनों समुदायों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
नेताओं ने याद दिलाया कि एक समय ऐसा था जब कुड़मी और आदिवासी समाज चुनावी राजनीति से लेकर सामाजिक कार्यक्रमों तक एक-दूसरे के सहयोगी और साझेदार हुआ करते थे। आज भी उसी परंपरा और भाईचारे को आगे बढ़ाना जरूरी है।
उन्होंने महतो समाज से कहा कि आंदोलन की राह पर चलते हुए रिश्तों की डोर को कमजोर न करें, वहीं आदिवासी समाज से संयम बरतने की अपील की। नेताओं का कहना है कि आने वाले दिनों में सभी धर्मों—हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई—के प्रतिनिधियों को एक मंच पर बुलाकर “महतो–माझी दो भाई” का संदेश दिया जाएगा।
दोनों वरिष्ठ नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि इस विवाद को समय रहते सुलझाया नहीं गया, तो इसके गंभीर सामाजिक और राजनीतिक परिणाम दोनों समुदायों को भुगतने पड़ सकते हैं।
गौरतलब है कि हाल ही में महतो समाज ने रेल रोको आंदोलन किया था, जिसके विरोध में आदिवासी समाज ने मोटरसाइकिल रैली निकालते हुए साफ कहा कि किसी भी परिस्थिति में महतो को आदिवासी की श्रेणी में शामिल नहीं किया जाएगा। बढ़ते तनाव को देखते हुए अब वरिष्ठ नेता आगे आकर भाईचारे का संदेश दे रहे हैं।