मूरी: रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने मूरी के एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मानव तस्करी के प्रयास को विफल कर दिया। आरपीएफ कमांडेंट पवन कुमार के निर्देशन में चलाए गए “ऑपरेशन AAHT” के तहत मूरी रेलवे स्टेशन पर की गई इस विशेष जांच में दो तस्करों को गिरफ्तार कर छह नाबालिग लड़कियों को सकुशल रेस्क्यू किया गया।
इस अभियान का नेतृत्व आरपीएफ पोस्ट मूरी के पोस्ट कमांडर निरीक्षक संजीव कुमार ने किया। उनके साथ एसआई पवन कुमार, एसआई बसंता मलिक, एसआई रविशंकर, एएसआई मंटू कुमार जयसवाल, महिला कांस्टेबल कृपाबाई यादव और शशि कुमारी भी शामिल रहीं। साथ ही, CIB यूनिट रांची से निरीक्षक लाल बहादुर, एएसआई संदीप कुमार गुप्ता और कांस्टेबल अरविंद कुमार यादव का भी सहयोग रहा।
प्लेटफॉर्म संख्या 1 पर दो संदिग्ध युवकों के साथ छह नाबालिग लड़कियों को देख टीम ने तुरंत कार्रवाई की। पूछताछ में युवकों की पहचान बिरेंद्र बेदिया (26 वर्ष) और जीतेंद्र बेदिया (24 वर्ष), निवासी ग्राम डिमरा, जिला रांची के रूप में हुई। दोनों ने स्वीकार किया कि वे लड़कियों को आंध्रप्रदेश के विजयवाड़ा ले जा रहे थे, जहां नौकरी का झांसा देकर उन्हें अवैध रूप से ले जाया जा रहा था। लड़कियों की उम्र 15 से 17 वर्ष के बीच थी।
गिरफ्तार युवकों के पास से सात आधार कार्ड, चार ट्रेन टिकट, एक पैन कार्ड, दो मोबाइल फोन और ₹22,300 नकद बरामद हुए। मोबाइल में कई संदिग्ध नंबर और दस्तावेज भी मिले हैं। पूछताछ में खुलासा हुआ कि इस पूरी साजिश के पीछे बिरेंद्र की बहन संगीता कुमारी का हाथ है, जो इस कार्य में शामिल थी। गिरफ्तार तस्करों और रेस्क्यू की गई लड़कियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जीआरपी मूरी को सौंप दिया गया है। इस मामले में जीआरपी मूरी में भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2)/143(3)/143(4)/143(5)/144 बीएनएस के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।