रांची: नक्सलियों द्वारा घोषित 24 घंटे के भारत बंद के बीच शनिवार रात एक बार फिर रेलवे को निशाना बनाया गया। चक्रधरपुर रेल मंडल के बिमलगढ़ रेलखंड में रविवार सुबह हुए नक्सली हमले में रेलवे के एक ट्रैकमैन की मौत हो गई, जबकि दूसरा कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना ओडिशा के रॉक्सी और रेंगड़ा स्टेशनों के बीच की है, जहां नक्सलियों ने रेल पटरी को उड़ाने की कोशिश की।
मृतक की पहचान 58 वर्षीय एतवा ओराम के रूप में हुई है, जबकि घायल बुधराम मुंडा को इलाज के लिए राउरकेला रेफर किया गया है।
पेट्रोलिंग के दौरान हुआ आईईडी ब्लास्ट
मिली जानकारी के मुताबिक, रविवार सुबह दोनों रेलकर्मी ट्रैक की पेट्रोलिंग कर रहे थे। इसी दौरान पटरियों पर बिछाए गए IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) में विस्फोट हो गया। धमाका इतना तीव्र था कि एतवा ओराम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बुधराम मुंडा गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राथमिक इलाज के लिए उन्हें बंडामुंडा रेलवे अस्पताल ले जाया गया, जहां एतवा को मृत घोषित कर दिया गया और बुधराम को बेहतर इलाज के लिए राउरकेला भेजा गया।
रेलवे प्रशासन पर लापरवाही के आरोप
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, नक्सलियों ने हमले से पहले क्षेत्र में लाल बैनर लगाकर चेतावनी दी थी। इसके बावजूद रेलवे प्रशासन ने आरपीएफ द्वारा ट्रैक की उचित जांच सुनिश्चित नहीं की और कर्मचारियों को पेट्रोलिंग के लिए भेज दिया। इस सुरक्षा चूक और लापरवाही को लेकर रेलवे प्रशासन कठघरे में आ गया है और गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर
घटना के बाद से इलाके में रेलवे और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। जांच के लिए विशेष टीम भेजी गई है और ट्रैक की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुनर्मूल्यांकन शुरू कर दिया गया है। फिलहाल रेल यातायात प्रभावित नहीं हुआ है, लेकिन सुरक्षा कारणों से गश्ती और निगरानी बढ़ा दी गई है।