चाकुलिया (पूर्वी सिंहभूम), 6 जून 2025
चाकुलिया प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) द्वारा 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत वर्ष 2022 से 2024 तक कराए गए सभी विकास कार्यों का ब्योरा सार्वजनिक न करने पर क्षेत्र में पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
22 अप्रैल 2025 को सामाजिक कार्यकर्ता अनिर्बान सिंह राय ने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत आवेदन देकर संबंधित विवरण मांगा था। निर्धारित अवधि बीतने के बावजूद BDO कार्यालय ने अभी तक कोई स्पष्ट या पूर्ण जवाब नहीं दिया।
अनिर्बान ने कहा, “RTI कानून नागरिकों को सशक्त बनाने और शासन में पारदर्शिता लाने के लिए है। जानकारी न देना इस बात का संकेत है कि प्रखंड स्तर पर अनियमितताएँ छिपाई जा रही हैं, जो अधिनियम के उल्लंघन के साथ‐साथ भ्रष्टाचार की ओर भी इशारा करता है।”
सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत संबंधित लोक सूचना अधिकारी को 30 दिन के भीतर उत्तर देना अनिवार्य है। विशेषज्ञों के अनुसार समयसीमा का उल्लंघन होने पर आवेदक उच्च प्राधिकारी—जिला सूचना अधिकारी या राज्य सूचना आयोग—के समक्ष प्रथम व द्वितीय अपील कर सकता है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिक समूहों ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए BDO से शीघ्र जवाब देने और समस्त खर्च विवरण ऑनलाइन उपलब्ध कराने की माँग की है। वहीं, प्रखंड कार्यालय के अतिरिक्त सूत्रों का दावा है कि दस्तावेजों का संकलन जारी है और जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट दी जाएगी।
यदि निर्धारित प्रक्रिया के तहत जल्द सूचना उपलब्ध नहीं कराई जाती, तो यह मामला राज्य सूचना आयोग तक पहुँच सकता है, जहाँ दोषी अधिकारी पर अर्थदंड सहित अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है।
पृष्ठभूमि
– 15वां वित्त आयोग अनुदान ग्रामीण बुनियादी ढाँचे, स्वच्छता और सार्वजनिक संपत्तियों के रखरखाव के लिए जारी किया जाता है।
– आयोग की शर्तों के अनुसार व्यय विवरण ग्रामसभा और सार्वजनिक पोर्टल पर डालना अनिवार्य है।
जनता की निगाहें अब BDO कार्यालय पर टिकी हैं, जहाँ पारदर्शिता और जवाबदेही की परीक्षा जारी है।