जमशेदपुर | संवाददाता
टाटानगर रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ की सतर्कता से मानव तस्करी की बड़ी घटना का खुलासा हुआ है। रविवार को आरपीएफ के उड़न दस्ते ने सघन जांच अभियान के दौरान दो मानव तस्करों को गिरफ्तार किया, जो 13 नाबालिग बच्चों को काम दिलाने के बहाने तमिलनाडु के सलेम ले जा रहे थे।
रेस्क्यू किए गए 13 बच्चों में 12 लड़कियां और एक लड़का शामिल है, जिनकी उम्र लगभग 13 से 16 वर्ष के बीच है। सभी नाबालिग पश्चिम सिंहभूम जिले के रहने वाले हैं। गिरफ्तार दोनों तस्कर—सुनील और जमबीरा—भी पश्चिम सिंहभूम के ही निवासी बताए जा रहे हैं।
आरपीएफ इंचार्ज राकेश मोहन ने बताया कि जांच के दौरान प्लेटफॉर्म पर एक जगह बड़ी संख्या में नाबालिग दिखाई पड़े, जबकि उनके साथ सिर्फ दो वयस्क मौजूद थे। पूछताछ में दोनों वयस्क संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए, जिसके बाद सभी को आरपीएफ थाने लाया गया। आगे की जांच में पुष्टि हुई कि बच्चों को रोजगार दिलाने के नाम पर बाहर ले जाया जा रहा था।
आरपीएफ टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों मानव तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। सभी नाबालिगों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद चाइल्डलाइन के सुपुर्द कर दिया गया है, जहां आगे की काउंसिलिंग और पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।