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3 जुलाई को नितिन गडकरी करेंगे रातू एलिवेटेड फ्लाईओवर का उद्घाटन, सांसद-विधायकों ने नगर निगम और बिजली व्यवस्था पर उठाए सवाल

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रांची
राजधानी रांची को जल्द ही एक नई सौगात मिलने जा रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी 3 जुलाई को रातू एलिवेटेड फ्लाईओवर का उद्घाटन करेंगे। लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह फ्लाईओवर रांची के ट्रैफिक सिस्टम को बेहतर बनाने में सहायक होगा।


उद्घाटन को लेकर सांसद ने दी जानकारी

सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में रांची सांसद एवं केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने बताया कि नितिन गडकरी 3 जुलाई को दोपहर करीब 2 बजे रांची पहुंचेंगे। एयरपोर्ट पर उनका स्वागत पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाज से किया जाएगा। इसके बाद वे बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि देंगे और फिर हरमू चौक होते हुए उद्घाटन स्थल पहुंचेंगे। कार्यक्रम का आयोजन मौसम को ध्यान में रखते हुए पूर्वाह्न 11 बजे या उसके आसपास हो सकता है।


नगर निगम और बिजली व्यवस्था पर तीखी प्रतिक्रिया

प्रेस वार्ता में रांची विधायक सीपी सिंह, हटिया विधायक नवीन जायसवाल भी मौजूद थे। नेताओं ने नगर निगम की कार्यशैली और बिजली आपूर्ति की स्थिति पर सवाल उठाए।

सांसद संजय सेठ ने कहा कि नगर निगम पूरी तरह विफल हो चुका है। बारिश के मौसम में नालियां तालाब में तब्दील हो गई हैं और कई बड़े नाले नदी जैसे दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निगम अब बिजली बिल पर 5 प्रतिशत टैक्स लगाने की तैयारी में है, जो आम जनता के लिए अतिरिक्त बोझ है।

उन्होंने स्मार्ट मीटर के मुद्दे को भी उठाया और कहा कि यह आम आदमी के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। पहले जिनका बिजली बिल 200 रुपये आता था, अब वह कई गुना बढ़ गया है।


विधायकों का भी निगम पर हमला

विधायक सीपी सिंह ने कहा कि रांची में सड़क और नाली निर्माण के नाम पर केवल खुदाई चल रही है, जिससे नागरिकों को भारी असुविधा हो रही है। उन्होंने बताया कि यह मुद्दा दो बार विधानसभा में उठाया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं मिला।

हटिया विधायक नवीन जायसवाल ने भी कहा कि राज्य सरकार जानबूझकर नगर निकाय चुनाव को टाल रही है, जिससे जवाबदेही नहीं बन पा रही है।


रांची को मिल रही है बुनियादी सुविधाओं की नई दिशा

सांसद संजय सेठ ने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं से रांची में बुनियादी ढांचे में लगातार सुधार हो रहा है। उन्होंने बताया कि पहले जमशेदपुर, लोहरदगा और पलामू जैसे स्थानों तक पहुंचने में 5-6 घंटे लगते थे, लेकिन अब एलिवेटेड सड़कों और फोरलेन के जरिए यात्रा सुगम हो रही है।