बहरागोड़ा संवाददाता (निलेश बेरा): बहरागोड़ा प्रखंड अंतर्गत पारुलिया पंचायत के पाथरघाटा गांव के दो प्रवासी मजदूरों की मौत पश्चिम बंगाल के भमाल गांव में काम के दौरान एक कुएं में गिरने से हो गई। मृतकों की पहचान वृंदावन मुंडा और कार्तिक मुंडा के रूप में हुई है। इस दर्दनाक हादसे के बाद गांव में शोक की लहर है।
मृतक वृंदावन मुंडा के पीछे उनका 9 वर्षीय बेटा देव मुंडा और कार्तिक मुंडा की 3 वर्षीय बेटी अर्चना मुंडा है। बच्चों के भविष्य को लेकर ग्रामीणों में गहरी चिंता है।
विधायक समीर महंती ने पहल करते हुए मृतकों की विधवाओं को सरकारी सहायता योजना के तहत श्रम विभाग द्वारा 50-50 हजार रुपये का सहायता राशि चेक प्रदान किया। उन्होंने बताया कि प्रवासी मजदूरों की दुर्घटना में मृत्यु होने पर कुल 1.5 लाख रुपये की सहायता का प्रावधान है, जिसमें प्रारंभिक सहायता के रूप में 50 हजार रुपये दिए गए हैं। शेष राशि पोस्टमार्टम रिपोर्ट व आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रदान की जाएगी।
इस अवसर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी केशव भारती भी उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि यह प्रखंड की पहली घटना है जिसमें श्रम विभाग ने इतनी त्वरित कार्रवाई करते हुए महज तीन दिनों के भीतर पीड़ित परिवारों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की है।
यह घटना न केवल श्रमिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि प्रवासी मजदूरों के पंजीकरण और कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है।