बहरागोड़ा संवाददाता (बापुन):
बहरागोड़ा प्रखंड के पाथरी पंचायत अंतर्गत बामडल गांव के 24 हरिजन परिवार पिछले तीन दशकों से अपनी बंदोबस्ती जमीन पर अधिकार पाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। वर्ष 1994-95 में सरकार द्वारा भूमिहीनों के लिए बंदोबस्ती कागजात तो दिए गए थे, लेकिन खुदपुटली मौजा में आवंटित इस जमीन का आज तक चिन्हांकन नहीं हो सका है।

जमीन पर अधिकार सुनिश्चित करने की मांग को लेकर सीपीआईएम लोकल कमेटी कार्यालय में बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता लोकल कमेटी सचिव चित्तरंजन महतो और जिला राज्य कमेटी सदस्य स्वपन महतो ने संयुक्त रूप से की। बैठक के बाद चित्तरंजन महतो के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने अंचलाधिकारी राजाराम मुंडा से मुलाकात की और समस्या से अवगत कराया।

अंचलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि वे एडीसी से बातचीत कर जल्द समाधान करेंगे।
इस दौरान धीरेन कालिंदी, घोस्ट कालिंदी, जितेन कालिंदी, अमूल्य कालिंदी, सुधीर कालिंदी, राबिन कालिंदी, बसंत कालिंदी समेत बड़ी संख्या में महिलाएं भी उपस्थित रहीं।