चाकुलिया: पेसा नियमावली 2025 के क्रियान्वयन को लेकर चाकुलिया में माझी परगना महाल पोड़ीहाटी तोरोप के प्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई है। शनिवार को माझी बाबाओं और सामाजिक प्रतिनिधियों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपकर नियमावली को पारंपरिक व्यवस्था के अनुरूप लागू करने की मांग की।
ज्ञापन सौंपने से पहले जूगीतोपा माझी आखड़ा में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न पंचायतों के माझी बाबा और समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में पेसा कानून के प्रावधानों के अनुसार ही ग्राम सभा और अन्य प्रक्रियाओं को संचालित करने पर सहमति बनी।
माझी परगना महाल के प्रतिनिधियों ने कहा कि जब तक जिला प्रशासन की ओर से अनुसूचित जनजाति समुदाय के सदस्य को विधिवत ग्राम सभा अध्यक्ष के रूप में मान्यता नहीं दी जाती, तब तक पेसा नियमावली के तहत किसी भी प्रक्रिया को लागू करना उचित नहीं होगा।
प्रतिनिधियों ने सवाल उठाया कि ग्राम सभा अध्यक्ष की नियुक्ति और सत्यापन के बिना ग्राम सभा की बैठकों का संचालन किस आधार पर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य जैसे बैंक खाता संचालन, सचिव चयन और बैठक स्थल निर्धारण जैसी प्रक्रियाएं पारंपरिक व्यवस्था के अनुसार होनी चाहिए।
महाल के सदस्यों ने चेतावनी दी कि यदि पेसा नियमावली को गलत तरीके से लागू करने का प्रयास किया गया तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। साथ ही संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी बात कही गई।
बैठक में देश पाराणिक बाबा दुर्गा चरण मुर्मू समेत कई माझी बाबा और सामाजिक प्रतिनिधि मौजूद रहे।