चाकुलिया संवाददाता (रोहन सिंह) : धालभूमगढ़ प्रखंड के वनाधिकार दावेदारों को शीघ्र वन पट्टा उपलब्ध कराने की मांग को लेकर गुरुवार को पूर्वी सिंहभूम माझी परगना महाल ने चाकुलिया स्थित वन विभाग कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन वन क्षेत्र पदाधिकारी के नाम प्रधान लिपिक तापस राय को सौंपा गया, जिसमें 9 अगस्त (विश्व आदिवासी दिवस) से पहले सभी लंबित दावों का निपटारा कर वन पट्टा जारी करने की मांग की गई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि धालभूमगढ़ प्रखंड के रूआशोल-सिलपहाड़ी क्षेत्र से छह व्यक्तिगत एवं एक सामुदायिक दावा, बांगरकोला से 13 व्यक्तिगत दावे तथा हरिनदुकड़ी से तीन व्यक्तिगत दावों सहित कुल 23 वनाधिकार दावा फाइलें करीब एक वर्ष पहले जमा की जा चुकी हैं। इसके बावजूद अब तक किसी भी पात्र दावेदार को वन पट्टा नहीं मिल सका है।
माझी परगना महाल ने मांग की है कि अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकार मान्यता) अधिनियम के तहत लंबित सभी दावों का शीघ्र निष्पादन किया जाए, ताकि राज्य सरकार द्वारा विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित वन पट्टा वितरण कार्यक्रम में इन लाभुकों को भी पट्टा प्रदान किया जा सके।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि धालभूमगढ़ के काड़ुवआकाटा गांव के गणेश मांडी तथा पलासबनी गांव की मालती मुर्मू और पानीजिया के अनिल गोप लंबे समय से आवास बनाकर रह रहे हैं, लेकिन उन्हें भी अब तक वन पट्टा उपलब्ध नहीं कराया गया है। संगठन ने इन मामलों का भी शीघ्र समाधान करने की मांग की है।
माझी परगना महाल ने चेतावनी दी है कि यदि 9 अगस्त से पहले वन पट्टा वितरण की दिशा में ठोस पहल नहीं की गई, तो संगठन व्यापक आंदोलन शुरू करेगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान माझी परगना महाल के घाटशिला प्रखंड अध्यक्ष सह देश विचार सचिव बहादुर सोरेन, वन अधिकार समिति के अध्यक्ष सुनील कुमार सोरेन, रामदास हांसदा, मालती मुर्मू, मुचीराम बास्के, श्यामपद सोरेन, नरेंद्र नाथ हांसदा समेत कई सदस्य उपस्थित रहे।