चाकुलिया संवाददाता (रोहन सिंह) :
पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया नगर पंचायत क्षेत्र स्थित जिला परिषद डाक बंगला में रविवार को आकलन सफल पारा शिक्षकों की एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता वरेन चंद्र मुंडा ने की, जिसमें बड़ी संख्या में पारा शिक्षक उपस्थित हुए। इस दौरान शिक्षकों ने अपने लंबित मुद्दों और सरकार की नीतियों पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में मुख्य रूप से आगामी 18 अप्रैल को रांची स्थित मुख्यमंत्री आवास के समक्ष प्रस्तावित आमरण अनशन और धरना कार्यक्रम को लेकर विचार-विमर्श किया गया। उपस्थित शिक्षकों ने एकजुट होकर निर्णय लिया कि चाकुलिया प्रखंड से अधिक से अधिक शिक्षक इस आंदोलन में भाग लेंगे और अपनी मांगों को मजबूती से उठाएंगे।
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शिक्षकों ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने पूर्व में किए गए वादों को अब तक पूरा नहीं किया है, जिससे पारा शिक्षकों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों की समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है, जिससे वे खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
बैठक के दौरान संगठन के जिला सचिव गोविंद गोप ने कहा कि अब समय आ गया है कि पारा शिक्षक अपने अधिकारों के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ें। उन्होंने कहा कि यदि सरकार जल्द ठोस कदम नहीं उठाती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस मौके पर कई शिक्षकों ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं, लेकिन अगर उनकी बात नहीं सुनी गई तो वे आंदोलन को व्यापक रूप देने से पीछे नहीं हटेंगे।
बैठक में कालीपद गोप, लखीन्द्र मुंडा, उषा महतो, बासंती मुर्मु, पूर्ण चंद्र मुर्मु, हेमंत महतो, मंजु महतो सहित कई पारा शिक्षक मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में आंदोलन को सफल बनाने और रांची में होने वाले कार्यक्रम में भाग लेने का संकल्प लिया।
कुल मिलाकर, यह बैठक पारा शिक्षकों के बीच बढ़ते असंतोष और उनके संगठित आंदोलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सरकार इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है और शिक्षकों की मांगों पर क्या निर्णय लिया जाता है।