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चाकुलिया में शिक्षा के नाम पर शर्मनाक खेल! किताबें छात्रों को नहीं, बिचौलिए को पहुंचीं

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चाकुलिया, 23 जून संवाददाता रोहन सिंह — पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया प्रखंड से शिक्षा विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है। विद्यार्थियों के लिए सरकार द्वारा भेजी गई पाठ्य पुस्तकें और कॉपियां छात्रों तक पहुंचने के बजाय रद्दी के भाव स्क्रैप टाल में बिकने पहुंच गईं।

घटना सोमवार को चाकुलिया नगर पंचायत क्षेत्र के मिस्त्रीपाड़ा की है, जहां एक विलय हुए विद्यालय भवन में स्टॉक की गईं पुस्तकें एक टेंपो में भरकर पुराने बाजार स्थित एक स्थानीय स्क्रैप टाल में बेचने के लिए लाया गया। ग्रामीणों की नजर पड़ने पर विरोध हुआ और टेंपो चालक किताबें वहीं छोड़कर भाग निकला।

शिक्षा विभाग पर गंभीर आरोप

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से यह पूरा खेल चल रहा है। लोगों का कहना है कि जिन किताबों को वर्ष 2025–26 के सत्र में छात्रों को वितरित किया जाना था, वे बाजार में रद्दी के भाव बेची जा रही हैं, जबकि ज़्यादातर बच्चों तक ये सामग्री अभी तक पहुंची भी नहीं है।

ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

शिक्षा पदाधिकारी ने दिए कार्रवाई के निर्देश

इस मामले में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) प्रभाकर कुमार ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है। वे विभागीय ट्रेनिंग में हैं, लेकिन उन्होंने संबंधित बीपीओ को तत्काल जांच और कार्रवाई का निर्देश दिया है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मिस्त्रीपाड़ा स्थित विद्यालय भवन को पुस्तकों के स्टॉक के लिए उपयोग किया जा रहा था और वहां एक नाइट गार्ड की नियुक्ति भी है, जिसके पास भवन की चाबी रहती है। विभाग द्वारा इस मामले में कठोर कार्रवाई की जाएगी।

स्क्रैप टाल संचालक की प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई

विवाद में घिरे स्क्रैप टाल संचालक से संपर्क नहीं हो पाया, जिससे उनका पक्ष समाचार में शामिल नहीं किया जा सका है।