रांची: झारखंड में आदिवासी अस्मिता, अस्तित्व और पहचान की मांग को लेकर सरना धर्म कोड को संविधानिक मान्यता दिलाने के उद्देश्य से कांग्रेस पार्टी ने सोमवार को राजभवन का घेराव किया। इस आंदोलन में झारखंड सरकार की कृषि एवं पशुपालन मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की भी शामिल हुईं और उन्होंने आंदोलनकारियों के साथ एकजुटता दिखाई।
कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरना धर्म कोड को लेकर केंद्र सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए और कहा कि यह सिर्फ एक धार्मिक पहचान नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की सांस्कृतिक विरासत, परंपरा और जीवनशैली से जुड़ा विषय है। प्रदर्शनकारियों ने राजभवन के समक्ष जोरदार नारेबाजी की और ।
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि, “सरना धर्म कोड की मांग केवल एक धार्मिक दर्जा पाने की नहीं, बल्कि हमारे अस्तित्व को मान्यता देने की है। हमें अपनी भाषा, संस्कृति और आस्था के साथ जीने का हक चाहिए।”
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोग, सामाजिक संगठन और युवा शामिल हुए। कांग्रेस ने यह भी संकेत दिया कि यदि जल्द ही इस दिशा में कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
झारखंड की राजनीति में एक बार फिर आदिवासी पहचान और अधिकारों का मुद्दा जोर पकड़ता नजर आ रहा है।