रांची
झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच ने अब नया मोड़ ले लिया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए छह कारोबारियों को नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई हाल ही में निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे और गजेंद्र सिंह की गिरफ्तारी के बाद तेज़ हुई है, जिससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा हुआ है।
छत्तीसगढ़ की डायरी से मिला बड़ा सुराग
सूत्रों के अनुसार, इन कारोबारियों को अलग-अलग तारीखों पर पूछताछ के लिए ACB मुख्यालय में पेश होने को कहा गया है। सबसे चर्चित नाम है छत्तीसगढ़ निवासी सिद्धार्थ सिंघानिया का, जिनका नाम एक अहम डायरी के माध्यम से सामने आया।
यह डायरी छत्तीसगढ़ ACB द्वारा एक छापेमारी में जब्त की गई थी। इसमें झारखंड में शराब सिंडिकेट के गहरे नेटवर्क और ‘मैनेजमेंट’ रणनीतियों का विस्तार से उल्लेख है।
डायरी में लिखा है कि झारखंड में शराब व्यापार में रुकावट डालने वालों की पहले पहचान की जाती थी, फिर उन्हें ‘मैनेज’ करने की योजना बनाई जाती थी। इतना ही नहीं, सिंडिकेट ने सुनियोजित तरीके से झारखंड में नई शराब नीति लागू करवाई, जिससे राज्य को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ।
देशभर के कारोबारी जांच के घेरे में
ACB की नोटिस सूची में जिन अन्य कारोबारियों के नाम शामिल हैं, वे हैं:
मनीष जैन (भोपाल, मध्य प्रदेश)
राजीव द्विवेदी (भोपाल, मध्य प्रदेश)
अजीत जयसिंह राव (पुणे, महाराष्ट्र)
अमित प्रभाकर सोलंकी (पुणे, महाराष्ट्र)
सुनील मारूत्रे कुंभकर (पुणे, महाराष्ट्र)
इन सभी से पूछताछ कर ACB इस घोटाले के और भी बड़े चेहरे बेनकाब करने की तैयारी में है।
जांच की रफ्तार तेज, और नाम आ सकते हैं सामने
ACB के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस जांच में और भी कई प्रभावशाली नाम जल्द सामने आ सकते हैं। इस घोटाले की परतें जैसे-जैसे खुल रही हैं, वैसा-वैसा झारखंड में शराब व्यापार की आड़ में चल रहे सत्ता-सिंडिकेट गठजोड़ की सच्चाई बाहर आ रही है।