रांची: झारखंड के चर्चित ट्रेजरी घोटाले की जांच अब और तेज हो गई है। सीआईडी की विशेष जांच टीम (SIT) ने बोकारो और हजारीबाग में बड़ी संख्या में संदिग्ध बैंक खातों की पहचान की है, जिनके जरिए सरकारी राशि के लेनदेन की आशंका जताई जा रही है।
जांच के दौरान बोकारो में करीब 600 और हजारीबाग में लगभग 250 संदिग्ध बैंक खातों का पता चला है। एसआईटी अब यह जानकारी जुटाने में लगी है कि सरकारी राशि किन माध्यमों से इन खातों तक पहुंची और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।
जांच एजेंसी ने संदिग्ध खाताधारकों को नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। उनसे खातों में आई रकम का स्रोत, ट्रांजेक्शन का कारण और संबंधित लोगों से संबंध के बारे में जानकारी मांगी जा रही है। अधिकारियों ने साफ किया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर खातों को फ्रीज करने की कार्रवाई की जा सकती है।
इस मामले में फॉरेंसिक जांच भी अहम मानी जा रही है। एसआईटी ने बोकारो और हजारीबाग एसपी कार्यालय की लेखा शाखा से कंप्यूटर हार्ड डिस्क जब्त कर जांच के लिए भेजी है। माना जा रहा है कि रिपोर्ट आने के बाद कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि अवैध निकासी के लिए फर्जी बिल तैयार किए गए थे और बाद में कंप्यूटर से संबंधित दस्तावेज हटाने की कोशिश की गई। अब जांच एजेंसियां डिलीट डेटा को रिकवर करने में जुटी हैं।
बोकारो मामले के मुख्य आरोपी और तत्कालीन लेखापाल कौशल पांडेय से भी पूछताछ की तैयारी चल रही है। एसआईटी को आशंका है कि घोटाले में कई अन्य लोगों की भी संलिप्तता हो सकती है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए Enforcement Directorate ने भी जांच शुरू कर दी है। ईडी जल्द ही सीआईडी और संबंधित थानों से जांच रिपोर्ट लेकर आगे की कार्रवाई करेगी।